पाकिस्तान की टीम के हेड कोच माइक हेसन ने कहा है कि एशियन गेम्स 2026 के लिए चुनी गई पाकिस्तान की टीम में ज्यादातर खिलाड़ी ए टीम के हैं। उनके पास मौका है कि वे पिछले साल खेले गए एशिया कप के फाइनस से कुछ सीखेंगे और भारत से अगर इस टूर्नामेंट में मैच हुआ तो उनको आत्मविश्वास मिलेगा।
माइक हेसन ने भारतीय टीम की तारीफ भी की है और कहा है कि वह एक बेंचमार्क हैं।
एशियन गेम्स 2026 क्रिकेट टूर्नामेंट में भारत और पाकिस्तान की टक्कर सिर्फ गोल्ड मेडल मैच या ब्रॉन्ज मेडल मैच में हो सकती है। क्वार्टर फाइनल और सेमीफाइनल में यह संभव नहीं है। ऐसा भी हो सकता है कि दोनों के बीच मुकाबला ही न खेला जाए। अगर दोनों टीमें सेमीफाइनल में पहुंचती हैं और एक टीम सेमीफाइनल हार जाती है तो फिर दोनों के बीच कोई मुकाबला ही एशियन गेम्स में नहीं होगा।
ारतभारत एक बेंचमार्क है- हेसन
पाकिस्तान की टीम पिछले साल एशिया कप में हर एक मैच जीती थी, लेकिन भारत से ही तीन मैच उस टूर्नामेंट में हारी थी। हेसन ने कहा कि भारत अभी व्हाइट-बॉल क्रिकेट में एक ‘बेंचमार्क’ है, लेकिन उन्होंने कहा कि अगर एशियन गेम्स में उनका सामना होता है तो पाकिस्तान उन पर दबाव बनाने की कोशिश करेगा, साथ ही उन्होंने जोर दिया कि दोनों टीमों को पहले कई मुश्किलें पार करनी होंगी।
क्रिकइंफो के मुताबिक, हेसन ने पाकिस्तान से एशियन गेम्स के लिए रवाना होने से पहले कहा, “इंडिया इस समय व्हाइट-बॉल क्रिकेट के मामले में बेंचमार्क है और हमारा चैलेंज उसे पकड़ना है। हम जितना हो सके उतनी अच्छी तैयारी कर रहे हैं और अगर हमें उनके (इंडिया) के साथ खेलने का मौका मिलता है, तो हम निश्चित रूप से उन पर प्रेशर डालेंगे, जैसा हम एशिया कप के फाइनल में कर पाए थे। अभी और फाइनल खेलने से पहले दोनों टीमों के लिए बहुत क्रिकेट खेला जाना है, इसलिए हम बहुत आगे नहीं बढ़ रहे हैं।”
भारत वर्सेस पाकिस्तान मैच का सिनेरियो
पाकिस्तान की टीम भारत, श्रीलंका और बांग्लादेश के अलावा टॉप सीडिड टीम है। ऐसे में इन सभी टीमों को अलग-अलग क्वार्टर फाइनल खेलना है। क्वार्टर फाइनल जीतने के बाद सेमीफाइनल में भी भारत और पाकिस्तान को अलग-अलग टीमों से भिड़ना होगा। दोनों ने अपने-अपने सेमीफाइनल जीते तो दोनों की भिड़ंत गोल्ड मेडल मैच में होगी। अगर कोई एक टीम अपना सेमीफाइनल हारी तो फिर एक टीम गोल्ड मेडल के लिए लड़ेगी और एक टीम कांस्य पदक के लिए सेमीफाइनल हारने वाली टीम से भिड़ेगी। अगर दोनों टीमें सेमीफाइनल हारती हैं तो फिर दोनों की टक्कर कांस्य पदक मैच में होगी।
पाकिस्तान की टेस्ट टीम भी इस समय संघर्ष कर रही है, जो बांग्लादेश में भी टेस्ट सीरीज हारी थी और इंग्लैंड में भी सूपड़ासाफ कराकर लौटी है। उन्होंने कहा, “टेस्ट टीम संघर्ष कर रही है और हम सभी यह अच्छी तरह जानते हैं, लेकिन पिछले 15 महीनों में T20I टीम का जीत प्रतिशत तीसरा या चौथा सबसे अच्छा रहा है। हम कई बार भारत से हारे हैं और यह सभी पाकिस्तानी टीमों का बेंचमार्क है, हम यह समझते हैं, लेकिन यह कहना कि T20 टीम कमज़ोर है (सही नहीं है)।”
हेसन ने आगे कहा, “जब मैं आया था तब हम टी20 क्रिकेट में दुनिया में आठवें स्थान पर थे और अब पांचवें स्थान पर पहुंच गए हैं। हम 30 अंक ऊपर गए हैं, जो सिर्फ एक सीरीज जीतने से हुआ है। हमने न केवल पाकिस्तान में, बल्कि दुबई और अमेरिका आदि में भी जीत हासिल की है। हमने टी20 क्रिकेट में पिछले 15 महीनों में कई सीरीज जीती हैं, इसलिए मुझे लगता है कि तीनों प्रारूपों को एक साथ रखना उचित नहीं है। इसलिए, हम टेस्ट क्रिकेट में संघर्ष कर रहे हैं और एक दिवसीय क्रिकेट में हम विश्व कप में आगे बढ़ रहे हैं और हमने पिछले 12 महीनों में अपने प्रदर्शन में निश्चित रूप से सुधार किया है, लेकिन हम किसी भी तरह से तैयार उत्पाद नहीं हैं।”