पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने विकेटकीपर बल्लेबाज मोहम्मद रिजवान को घरेलू क्रिकेट में खेलने की अनुमति दे दी है जिनकी ऑनलाइन सट्टेबाजी, जुआ और ड्रेसिंग रूम की जानकारी लीक करने के आरोपों के लिए जांच चल रही है।
टीम के सीनियर साथियों इमाम उल हक और सलमान अली आगा के साथ इंग्लैंड दौरे के बीच से वापस स्वदेश बुलाए गए रिजवान तब से सुर्खियों में हैं जब एनसीसीआईए ने उनसे ऑनलाइन सट्टेबाजी और जुए से जुड़े एक मामले और उनके वित्तीय लेनदेन के बारे में पूछताछ की थी। लॉर्ड्स में खेले गए दूसरे टेस्ट मैच के दौरान रिजवान और इमाम दोनों के फोन जब्त कर लिए गए थे और अब एनसीसीआईए उनकी फोरेंसिक जांच कर रही है।
मोहम्मद हफीज ने दिया अपडेट
पाकिस्तान के पूर्व कप्तान मोहम्मद हफीज ने पुष्टि की कि उन्हें पीसीबी से ईमेल मिला है, जिसमें रिजवान को 19 अक्टूबर से शुरू होने वाले प्रेसिडेंट्स कप प्रथम श्रेणी टूर्नामेंट में खेलने की अनुमति दी गई है। हफीज सुई नॉर्दर्न गैस पाइपलाइन्स लिमिटेड (एसएनजीपीएल) के निदेशक और मुख्य कोच हैं। हफीज ने बताया कि रिजवान इस टूर्नामेंट में एसएनजीपीएल टीम की कप्तानी करेंगे।
रिजवान सहित कई खिलाड़ियों पर चल रही जांच
रिजवान और उनके साथी इमाम उल हक को अगस्त में इंग्लैंड दौरे में दूसरे टेस्ट मैच के बाद वापस बुला दिया था और उन्हें घरेलू क्रिकेट में खेलने से रोक दिया गया था। राष्ट्रीय साइबर अपराध प्रकोष्ठ (एनसीसीए) इन खिलाड़ियों की ड्रेसिंग रूम की जानकारी लीक करने और ऑनलाइन सट्टेबाजी तथा जुए से जुड़े मामलों में जांच कर रहा है। एक विश्वसनीय सूत्र ने बताया कि रिजवान ने पिछले महीने दो बार पीसीबी से मीडिया से बात करने की अनुमति लेने के लिए संपर्क किया था, लेकिन दोनों ही मौकों पर उनका आग्रह नकार दिया गया।
ड्रेसिंग रूम की कथित जानकारी लीक होने के मामले में पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड की शिकायत पर पाकिस्तान की राष्ट्रीय साइबर अपराध जांच एजेंसी ने पिछले महीने अनुभवी खिलाड़ियों मोहम्मद रिजवान और इमाम-उल-हक से करीब चार घंटे तक पूछताछ की थी। यह घटनाक्रम इंग्लैंड के पाकिस्तान के बेहद खराब प्रदर्शन के बीच हुआ है। अनुशासन संबंधी मामलों के कारण रिजवान और इमाम समेत सात खिलाड़ियों तथा सहयोगी स्टाफ के दो सदस्यों को दौरे से वापस भेज दिया गया है। इंग्लैंड दौरे पर पहले टेस्ट में पाकिस्तान को पारी से हार का सामना करना पड़ा था, जिसके बाद दूसरे टेस्ट में उसे 194 रन से करारी हार मिली थी। इसके बाद बोर्ड ने सात खिलाड़ियों को टीम से बाहर कर दिया था और मुख्य कोच सरफराज अहमद को बर्खास्त कर दिया था।