में एक बड़ा बदलाव हुआ है। पहले भुवनेश्वर कुमार इस टीम की कप्तानी करने वाले थे, लेकिन अब उन्हें न्यूजीलैंड दौरे के लिए टीम में शामिल किया गया है।
इस वजह से वे इस सीजन में नहीं खेल पाएंगे। उनकी जगह अब ऑलराउंडर क्रुणाल पांड्या को टीम का नया कप्तान बना दिया गया है। इसके साथ ही इस टूर्नामेंट के लिए भुवनेश्वर कुमार के रिप्लेसमेंट का भी ऐलान हो गया है। गुजरात टाइटंस के 34 साल के तेज गेंदबाज को इस टीम में जगह मिली है।
कुलवंत खेजरोलिया को मिली टीम इंडिया में जगह
भारत का न्यूजीलैंड दौरा 22 अक्टूबर से शुरू हो रहा है, जो कि 30 अक्टूबर से शुरू होने वाले हांगकांग सिक्सेस टूर्नामेंट की तारीखों से आपस में टकरा रहा है। इसी वजह से भुवनेश्वर कुमार को इस टूर्नामेंट से हटना पड़ा है। उनकी जगह अब गुजरात टाइटंस के तेज गेंदबाज कुलवंत खेजरोलिया को भारतीय टीम में शामिल किया गया है और यह टूर्नामेंट 30 अक्टूबर से 1 नवंबर तक खेला जाएगा।
क्रुणाल पांड्या ने फैंस को दिया मैसेज
कप्तान बनने के बाद आरसीबी (RCB) के स्टार खिलाड़ी क्रुणाल पांड्या ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर करके इस बात की जानकारी दी है। उन्होंने फैंस से अपील की है कि वे हांगकांग सिक्सेस टूर्नामेंट में टीम इंडिया को जमकर सपोर्ट करें और उनका हौसला बढ़ाएं। बता दें कि क्रुणाल के पास आईपीएल में 6 मैचों में कप्तानी करने का अनुभव है, जिसमें उन्होंने 3 मैचों में जीत हासिल की थी और 2 में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।
पिछले सीजन टीम इंडिया का प्रदर्शन रहा था निराशाजनक
साल 2025 का हांगकांग सिक्सेस टूर्नामेंट भारत के लिए बहुत खराब रहा था। उस समय रॉबिन उथप्पा और दिनेश कार्तिक जैसे पुराने खिलाड़ियों वाली हमारी टीम ग्रुप स्टेज में कुवैत जैसी कमजोर टीम से भी हार गई थी। इसके बाद बाकी के मुकाबलों में भी भारत को नेपाल, यूएई और श्रीलंका से हार झेलनी पड़ी थी और टीम सबसे आखिरी नंबर पर रही थी, जबकि हमारे पड़ोसी देश पाकिस्तान ने यह खिताब जीता था। यही वजह है कि इस बार बीसीसीआई ने पुराने खिलाड़ियों की जगह शानदार फॉर्म में चल रहे घरेलू और आईपीएल के नए खिलाड़ियों को मौका दिया है, जो पहली बार इस टूर्नामेंट में खेलेंगे। इस बार टीम इंडिया के खिलाड़ी खिताब जीतने के इरादे से मैदान पर उतरेंगे।
हांगकांग सिक्सेस के लिए भारत का अपडेटेड स्क्वॉड: क्रुणाल पांड्या (कप्तान), नीतीश राणा, राहुल त्रिपाठी, शशांक सिंह, राहुल तेवतिया, टी. नटराजन और कुलवंत खेजरोलिया