नई दिल्ली : 3 नवंबर 2026। महिला प्रीमियर लीग (WPL) 2027 के आगामी सीजन से पहले यूपी वॉरियर्स की कप्तानी को लेकर चर्चा तेज हो गई है। भारतीय महिला क्रिकेट टीम की पूर्व खिलाड़ी वेदा कृष्णमूर्ति ने अनुभवी ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा को टीम की कमान सौंपने का समर्थन किया है।
वेदा का मानना है कि दीप्ति लंबे समय से फ्रेंचाइजी का हिस्सा हैं और अब उन्हें पूर्णकालिक कप्तानी की जिम्मेदारी देने पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि ऑस्ट्रेलिया की पूर्व कप्तान मेग लैनिंग टीम में रहते हुए दीप्ति का मार्गदर्शन कर सकती हैं।वेदा कृष्णमूर्ति ने यह राय जियोस्टार के कार्यक्रम ‘मैच सेंटर लाइव ऑक्शन स्पेशल’ के दौरान व्यक्त की। कार्यक्रम में पूर्व भारतीय क्रिकेटर अभिनव मुकुंद और अंजुम चोपड़ा ने भी यूपी वॉरियर्स की टीम संरचना, विदेशी खिलाड़ियों के संयोजन और आगामी सीजन की रणनीति पर चर्चा की। इस दौरान वेदा ने भारतीय खिलाड़ी को कप्तान बनाने के कई संभावित फायदे गिनाए।वेदा के मुताबिक, महिला प्रीमियर लीग में किसी भारतीय खिलाड़ी को कप्तानी सौंपने से टीम प्रबंधन को अंतिम एकादश चुनने में अधिक स्वतंत्रता मिल सकती है। टूर्नामेंट में विदेशी खिलाड़ियों की संख्या सीमित होने के कारण कप्तान के रूप में किसी विदेशी खिलाड़ी का चयन कई बार टीम संयोजन को प्रभावित कर सकता है।उन्होंने कहा कि दीप्ति शर्मा पिछले चार वर्षों से यूपी वॉरियर्स के साथ जुड़ी हुई हैं। वह टीम के माहौल, खिलाड़ियों की क्षमताओं और फ्रेंचाइजी की जरूरतों को अच्छी तरह समझती हैं। ऐसे में उन्हें नेतृत्व की जिम्मेदारी सौंपने का यह उचित समय हो सकता है।
वेदा ने विशेष रूप से मेग लैनिंग की भूमिका का उल्लेख किया। उनका मानना है कि लैनिंग जैसी अनुभवी खिलाड़ी का टीम में होना किसी भी युवा या अपेक्षाकृत कम अनुभवी कप्तान के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। लैनिंग ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में ऑस्ट्रेलिया की कप्तानी करते हुए बड़ी सफलताएं हासिल की हैं। उनकी रणनीतिक समझ और दबाव की परिस्थितियों में फैसले लेने का अनुभव दीप्ति के लिए उपयोगी हो सकता है।हालांकि, वेदा ने स्पष्ट किया कि टीम में लैनिंग की मौजूदगी का यह अर्थ नहीं है कि कप्तानी की जिम्मेदारी भी उन्हीं के पास होनी चाहिए। उनके अनुसार, दीप्ति कप्तान बन सकती हैं और लैनिंग नेतृत्व समूह की वरिष्ठ सदस्य के रूप में उनका सहयोग कर सकती हैं।दरअसल, यूपी वॉरियर्स के सामने आगामी सीजन में मजबूत और संतुलित टीम उतारने की चुनौती है। फ्रेंचाइजी ने WPL 2027 की नीलामी में कई महत्वपूर्ण खिलाड़ियों को अपने साथ जोड़ा है। इनमें ऑस्ट्रेलियाई ऑलराउंडर सोफी मोलिन्यू, ग्रेस हैरिस, भारतीय स्पिन ऑलराउंडर स्नेह राणा, विकेटकीपर सुषमा वर्मा और स्कॉटलैंड की कैथरीन ब्राइस शामिल हैं।
इन खिलाड़ियों के आने से टीम के पास बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में अधिक विकल्प उपलब्ध हुए हैं। हालांकि, अंतिम एकादश में किन खिलाड़ियों को जगह मिलेगी, यह टीम की रणनीति और परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।यूपी वॉरियर्स ने नीलामी से पहले भारतीय खिलाड़ियों के मजबूत समूह को बरकरार रखा था। इसमें दीप्ति शर्मा के अलावा हरलीन देओल, प्रतीका रावल, शिखा पांडे और क्रांति गौड़ जैसी खिलाड़ी शामिल हैं। विदेशी खिलाड़ियों में मेग लैनिंग, फोएबे लिचफील्ड और सोफी एक्लेस्टोन जैसे अनुभवी नाम टीम को मजबूती देते हैं।दीप्ति शर्मा भारतीय महिला क्रिकेट की प्रमुख ऑलराउंडरों में गिनी जाती हैं। वह बाएं हाथ से बल्लेबाजी और दाएं हाथ से ऑफ स्पिन गेंदबाजी करती हैं। उनके पास अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के साथ महिला प्रीमियर लीग का भी व्यापक अनुभव है।दीप्ति की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि वह मैच की परिस्थितियों के अनुसार बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में योगदान देने की क्षमता रखती हैं। मध्यक्रम में उपयोगी रन बनाना, महत्वपूर्ण साझेदारियां निभाना और जरूरत पड़ने पर विकेट हासिल करना उन्हें टीम का अहम सदस्य बनाता है।कप्तानी के मामले में भी दीप्ति पूरी तरह नई नहीं हैं। उन्होंने WPL 2025 में ऑस्ट्रेलिया की एलिसा हीली की अनुपस्थिति में यूपी वॉरियर्स का नेतृत्व किया था। हीली चोट के कारण उस सीजन में हिस्सा नहीं ले सकी थीं। उस समय दीप्ति ने कप्तानी संभालते हुए सकारात्मक और आक्रामक क्रिकेट खेलने की बात कही थी।
यही अनुभव वेदा कृष्णमूर्ति के सुझाव को और महत्वपूर्ण बनाता है। दीप्ति पहले भी कप्तान की भूमिका निभा चुकी हैं और फ्रेंचाइजी के साथ उनका जुड़ाव लगातार बना हुआ है। हालांकि, किसी खिलाड़ी का अच्छा प्रदर्शन अपने आप में सफल कप्तानी की गारंटी नहीं होता। नेतृत्व के लिए खिलाड़ियों के बीच तालमेल, दबाव में सही फैसले और टीम प्रबंधन के साथ बेहतर संवाद भी जरूरी होते हैं।दूसरी ओर, मेग लैनिंग अंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट की सबसे सफल कप्तानों में शामिल रही हैं। उनकी मौजूदगी से टीम को रणनीतिक मजबूती मिलती है। वेदा का सुझाव इसी अनुभव का लाभ उठाते हुए भारतीय नेतृत्व को आगे बढ़ाने की दिशा में देखा जा रहा है।यूपी वॉरियर्स के लिए पिछला सीजन अपेक्षाओं के अनुरूप नहीं रहा था। WPL 2026 में टीम अंकतालिका में अंतिम स्थान पर रही थी। इसके बाद फ्रेंचाइजी ने अगले सीजन की तैयारियों के तहत टीम में बदलाव किए। मुख्य कोच अभिषेक नायर भी मजबूत बल्लेबाजी क्रम और बेहतर टीम संतुलन तैयार करने पर जोर दे चुके हैं।अब सवाल यह है कि फ्रेंचाइजी अनुभव के आधार पर मेग लैनिंग को कप्तान बनाए रखती है या दीप्ति शर्मा को फिर से नेतृत्व का अवसर देती है। दोनों खिलाड़ियों की अपनी विशेषताएं हैं। लैनिंग के पास बड़े टूर्नामेंट जीतने का अनुभव है, जबकि दीप्ति भारतीय परिस्थितियों और घरेलू खिलाड़ियों की क्षमताओं से अच्छी तरह परिचित हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, भारतीय कप्तान होने से विदेशी खिलाड़ियों के चयन में अधिक लचीलापन मिल सकता है। हालांकि, कप्तानी का अंतिम फैसला केवल इस आधार पर नहीं किया जा सकता। टीम प्रबंधन को खिलाड़ियों के प्रदर्शन, उपलब्धता और पूरे सीजन की रणनीति को भी ध्यान में रखना होगा।फिलहाल वेदा कृष्णमूर्ति का बयान एक सुझाव है, फ्रेंचाइजी की ओर से कप्तानी में बदलाव की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। ऐसे में दीप्ति शर्मा को WPL 2027 की कप्तान बताना जल्दबाजी होगी।महिला प्रीमियर लीग के पांचवें संस्करण से पहले यूपी वॉरियर्स की कप्तानी का मुद्दा क्रिकेट प्रशंसकों के बीच दिलचस्प बन गया है। आने वाले समय में टीम प्रबंधन का फैसला बताएगा कि फ्रेंचाइजी अनुभवी विदेशी नेतृत्व पर भरोसा बनाए रखेगी या भारतीय ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा को नई जिम्मेदारी सौंपकर मैदान में उतरेगी।