Reason Behind India Loss: Shubhman Gill ने किसे बताया हार का जिम्मेदार? जानें कैसे हाथ से निकली आसान जीत

3 अक्टूबर को भारतीय टीम वेस्टइंडीज के खिलाफ तीसरे वनडे में सीरीज का क्लीन स्वीप करने के इरादे से उतरी थी। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 351 रन का बड़ा स्कोर भी खड़ा किया, लेकिन इसके बावजूद टीम को 5 विकेट से हार का सामना करना पड़ा।

शाई होप की नाबाद 162 रनों की शानदार पारी ने वेस्टइंडीज को वनडे क्रिकेट का अपना सबसे बड़ा रन चेज पूरा करने में मदद की।

भारतीय पिचों पर शाई होप का रिकॉर्ड पहले से ही अच्छा रहा है और इस मुकाबले में भी उन्होंने अपनी बल्लेबाजी का दम दिखाया। हालांकि, वेस्टइंडीज की जीत के पीछे सिर्फ होप की पारी ही वजह नहीं थी। भारतीय टीम की कमजोर फील्डिंग, डेथ ओवरों में खराब गेंदबाजी और स्लो ओवर रेट ने भी मुकाबले का रुख बदलने में अहम भूमिका निभाई।

Reason Behind India Loss: डेथ ओवरों में गेंदबाजी बनी सबसे बड़ी चिंता

India vs West Indies Death Over Game (Source: Google)

मैच के आखिरी पांच ओवरों में वेस्टइंडीज को जीत के लिए 56 रन चाहिए थे। इस सिचुएशन में भारत के पास मुकाबला अपने फेवर में करने का अच्छा मौका था। लेकिन भारतीय गेंदबाज वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों पर दबाव नहीं बना सके। वेस्टइंडीज ने आखिरी 56 रन महज 20 गेंदों में बना डाले। इस दौरान शाई होप ने एक छोर संभाले रखा और भारतीय गेंदबाजों की प्लानिंग को लगातार चुनौती दी। भारत के कप्तान शुभमन गिल ने भी मैच के बाद माना कि टीम को डेथ ओवरों में अपनी गेंदबाजी में सुधार करने की जरूरत है।

स्लो ओवर रेट ने भी बिगाड़ा खेल

 Slow Over Rate In Odi Match (Source: Google)

भारत की हार में स्लो ओवर रेट भी एक अहम कारण रहा। कप्तान शुभमन गिल के मुताबिक, टीम ड्यू के कारण करीब चार ओवर पीछे रह गई थी, जिसके चलते उसे पेनल्टी का सामना करना पड़ा। 46वें ओवर के बाद भारत को 30 गज के घेरे के बाहर सिर्फ चार फील्डर रखने की परमिशन थी। नॉर्मल सिचुएशन में 41वें से 50वें ओवर के दौरान गेंदबाजी करने वाली टीम पांच खिलाड़ियों को 30 गज के घेरे से बाहर रख सकती है। इस एडिशनल फील्डिंग बैन का फायदा वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों ने उठाया और रन तेजी से बनाए।

गिल ने मानी टीम की गलतियां

 Shubhman Gill On Mistakes Of Team (Source: Google)

मैच के बाद शुभमन गिल ने कहा कि 351 रन का स्कोर बनाने के बाद उन्हें भरोसा था कि मुकाबला भारत के कंट्रोल में है। लेकिन स्लो ओवर रेट की पेनल्टी और डेथ ओवरों में गेंदबाजी ने सिचुएशन बदल दी। गिल ने यह भी माना कि डेथ ओवरों में टीम को यह साफ रखने की जरूरत है कि कब अटैक करना है और कब रन रोकने के लिए गेंदबाजी करनी है। वेस्टइंडीज के खिलाफ मुकाबले में भारतीय गेंदबाज इस प्लानिंग को अच्छे ढंग से लागू नहीं कर सके।

2027 वर्ल्ड कप से पहले मिला सबक

 India vs West Indies Match (Source: Google)

तीसरे वनडे में हार कन्फर्म रूप से भारत के लिए निराशाजनक रही, लेकिन टीम के पास इससे सीख लेने का मौका भी है। खासकर डेथ ओवरों की गेंदबाजी, फील्डिंग और ओवर रेट जैसे फील्ड में सुधार की जरूरत साफ दिखाई दी। हालांकि, इस हार के बावजूद भारत ने तीन मैचों की वनडे सीरीज 2-1 से अपने नाम कर ली। वहीं वेस्टइंडीज का भारत के खिलाफ वनडे सीरीज जीतने का इंतजार भी जारी रहा। कैरेबियाई टीम पिछले करीब 20 सालों से भारत के खिलाफ वनडे सीरीज नहीं जीत सकी है और इस बार भी यह सिलसिला टूट नहीं पाया।

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