सूत्रों के मुताबिक तीन सप्ताह बाद वह जागिंग शुरू कर पाएंगे। वहीं उसके बाद रनिंग लोड आठ सप्ताह तक बढ़ाया जाएगा। पिंडली की अंदरूनी तरफ स्ट्रेस इंजरी से उबर रहे हार्दिक फिलहाल बेंगलुरु स्थित सेंटर आफ एक्सीलेंस (सीओई) में रिहैबिलिटेशन प्रक्रिया से गुजर रहे हैं।
उनका चयन न्यूजीलैंड दौरे के लिए नहीं हुआ है। ऐसे में 13 दिसंबर से श्रीलंका के विरुद्ध होने वाली वनडे और टी-20 सीरीज के साथ ही तीन जनवरी से जिंबाब्वे के विरुद्ध वनडे सीरीज में उनका खेलना संभव नहीं दिखाई दे रहा है।
यह उस योजना को पीछे ढकेलती है क्योंकि एक बार फिर हार्दिक पांड्या की खराब फिटनेस सबके सामने उजागर हो जाती है। वह भी तब जब उनको बैंगलूरू स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस से हरी झंडी मिल गई थी।इससे पहले पिछले एकदिवसीय विश्वकप में भी बीच हार्दिक पांड्या टूर्नामेंट चोटिल होकर बाहर हो गए थे।2 टी-20 विश्वकप जीत चुके हार्दिक पांड्या टी20 टीम में पंड्या की वापसी की संभावना कम लग रही है