India vs South Africa 1st ODI: एक फॉर्मेट का बदला दूसरे में तो नहीं लिया जा सकता. खास तौर पर घर में टेस्ट सीरीज गंवाने की शर्मिंदगी किसी दूसरी जीत से दूर नहीं हो सकती. मगर लगातार मिल रही हार से तो बेहतर तो जीत ही है. कुछ इसी इरादे के साथ टीम इंडिया रांची के मैदान में उतरेगी, जहां भारत-साउथ अफ्रीका के बीच 30 नवंबर को पहला वनडे मैच खेला जाएगा. नजदीकी भविष्य के हिसाब से तो ये सीरीज बहुत अहमियत नहीं रखती लेकिन टीम का हौसला बढ़ाने, कोच गौतम गंभीर पर दबाव कम करने और कुछ खिलाड़ियों के लिए खुद को साबित करने का ये अच्छा मौका है.
गिल-अय्यर के बिना रोहित-विराट पर दारोमदार
रांची के झारखंड स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन क्रिकेट स्टेडियम (JSCA) में वनडे सीरीज के इस पहले मैच में भारतीय टीम और कोच गंभीर टेस्ट सीरीज में मिली करारी हार को पीछे छोड़ते हुए जोरदार शुरुआत करने उतरेंगे. टीम इंडिया हालांकि, अपने कप्तान शुभमन गिल और उप-कप्तान श्रेयस अय्यर के बिना उतर रही है, जबकि जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद सिराज जैसे प्रमुख तेज गेंदबाजों को भी आराम दिया गया है. इसके उलट साउथ अफ्रीकी टीम लगभग पूरी ताकत से उतर रही है.
एक बार फिर इस सीरीज में नजरें विराट कोहली और रोहित शर्मा की बैटिंग और ओवरऑल प्रदर्शन पर होगी. क्या दोनों बड़ी पारियां खेल पाते हैं या नहीं? अगर दोनों कुछ रन बनाते भी हैं तो क्या उनकी बल्लेबाजी में वैसी लय और धार होगी, जिसने उन्हें इतना बड़ा बल्लेबाज बनाया और जो उनके करियर को थोड़ा और आगे बढ़ा सकती हैं. ऑस्ट्रेलिया में रोहित ने शतक और अर्धशतक लगाकर बता दिया था कि वो अभी भी तैयार हैं, जबकि विराट ने भी लगातार दो बार 0 पर आउट होने के बाद आखिरी मैच में अर्धशतक लगाकर कुछ उम्मीद जगाई थी.
जायसवाल के सामने फिर साउथ अफ्रीका की बाधा
फिर भी दोनों के वर्ल्ड कप 2027 में खेलने की उम्मीदों के लिए ये सीरीज अहम हो सकती है. मगर इन दोनों से ज्यादा खास ये सीरीज कुछ अन्य खिलाड़ियों के लिए होने वाली है. इसमें पहला नाम हैं युवा ओपनर यशस्वी जायसवाल, जिन्हें काफी वक्त के बाद इस साल की शुरुआत में वनडे डेब्यू का मौका मिला था और अब करीब 9 महीने बाद वो इस फॉर्मेट में खेलते दिखेंगे. टेस्ट में तो जायसवाल अपनी धाक जमा चुके हैं लेकिन साउथ अफ्रीका वहां उनके लिए बड़ी बाधा बना हुआ था. ऐसे में इस टीम के खिलाफ वनडे में वापसी करना जायसवाल (लिस्ट ए एवरेज 52) के लिए भी आसान नहीं होने वाला.
पंत-गायकवाड़ के लिए भी अहम सीरीज
वहीं ऋषभ पंत के लिए भी ये सीरीज अहम है, जो लिमिटेड ओवर्स फॉर्मेट में अपनी जगह पक्की करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं. हालांकि जायसवाल से अलग पंत के लिए प्लेइंग-11 में जगह बनाना भी अहम है क्योंकि फिलहाल यहां भी उनकी जगह पक्की नहीं दिखती. क्या मिडिल ऑर्डर में श्रेयस अय्यर की जगह उन्हें मौका मिलेगा, ये एक बड़ा सवाल है. 2023 में इंटरनेशनल क्रिकेट से दूर रहने के कारण पंत ने पिछले करीब 2 साल में सिर्फ 1 वनडे मैच खेला है, जबकि उससे पहले 31 वनडे में वो सिर्फ 817 रन बना सके हैं.
इनके अलावा ये सीरीज ऋतुराज गायकवाड़ के लिए भी अहम है क्योंकि वो भी दिसंबर 2023 के बाद पहली बार इस फॉर्मेट की टीम इंडिया में लौट रहे हैं. पिछले कुछ वक्त में बेहतरीन फॉर्म में चल रहे गायकवाड़ को वैसे तो बैकअप ओपनर के तौर पर चुना गया है लेकिन उन्हें चौथे नंबर पर भी उतारा जा सकता है. गायकवाड़ ने अभी तक सिर्फ 6 ODI ही खेले हैं और 19 के औसत से 115 रन ही बना सके हैं.
मजबूत हौसलों के साथ उतरेगी ‘बावुमा कंपनी’
साउथ अफ्रीका की बात करें तो कप्तान टेम्बा बावुमा टेस्ट सीरीज में 2-0 की ऐतिहासिक जीत से बेहद उत्साहित होंगे. भले ही वनडे और टेस्ट टीम के कई खिलाड़ी अलग-अलग हैं लेकिन कप्तान समेत कुछ प्रमुख खिलाड़ी इस सीरीज में भी उतरेंगे. ऐसे में टीम बुलंग हौसलों के साथ उतरने वाली है. हालांकि, उसे स्टार तेज गेंदबाज कगिसो रबाडा की कमी खलेगी, जो रोहित और विराट को खासा परेशान कर चुके हैं. मगर ऐसे वक्त में बाएं हाथ के पेसर नांद्रे बर्गर उनके लिए अहम साबित हो सकते हैं.