स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। जीशान अंसारी का रेड-बॉल क्रिकेट में वापसी का लंबा इंतजार आखिरकार खत्म हो गया। पिछले साल सनराइजर्स हैदराबाद के साथ बिताए समय के दौरान मिली सीख से और उनका आत्मविश्वास मजबूत हुआ है।
वहां उन्हें स्पिन के दिग्गज मुथैया मुरलीधरन और डैनियल विटोरी के साथ काम करने का मौका मिला था। अब वह दलीप ट्रॉफी में सेंट्रल जोन से खेलने के लिए तैयार हैं।
ईशान किशन और ऋषभ पंत के साथ भारत की 2016 अंडर-19 टीम का हिस्सा रहे अंसारी का करियर एक समय धीमा पड़ता दिख रहा था, लेकिन IPL फ्रेंचाइजी के साथ खेलने से उसे नई गति मिली। इसके बाद उन्होंने उत्तर प्रदेश के लिए विजय हजारे ट्रॉफी में जबरदस्त वापसी की, जो 2020 में राज्य के लिए उनके आखिरी रणजी ट्रॉफी मैच के लगभग पांच साल बाद हुई थी। घरेलू क्रिकेट में अच्छे प्रदर्शन की वजह से उन्हें जल्द ही इंडिया A टीम में बुलावा मिला। अब 26 साल के अंसारी के पास अपनी छाप छोड़ने का एक और मौका है, क्योंकि उन्हें दलीप ट्रॉफी में सेंट्रल जोन का प्रतिनिधित्व करने के लिए चुना गया है।
मुरलीधरन और विटोरी ने की मदद
अंसारी ने PTI से कहा, जब मैं SRH में था, तो मुझे मुथैया मुरलीधरन और डैनियल विटोरी से बहुत फायदा हुआ। उन्होंने मुझे बॉलिंग के बारे में कई ऐसी बातें बताईं जो मुझे पता नहीं थीं। मैंने उनसे जो कुछ भी सीखा है, उसने मेरी बहुत मदद की है। अगर मैं वही चीजें करता रहा, तो मेरा प्रदर्शन और बेहतर होगा। मैंने UP T20 में पीयूष चावला से दो बार बात की है। उन्होंने मुझसे कहा कि मैं बहुत अच्छी बॉलिंग कर रहा हूं और मुझे कुछ सलाह भी दी। मैं उनसे जितना हो सके उतना सीख रहा हूं। वे मेरी बहुत मदद कर रहे हैं।
यूपी टी20 लीग में घातक गेंदबाजी
अंसारी ने UP T20 लीग में भी अपना शानदार फॉर्म जारी रखा है, जहां वे छह मैचों में 14 विकेट लेकर सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज बने हुए हैं। उनकी टीम ‘मेरठ मावेरिक्स’ भी अब तक अजेय रही है और उसने अपने सभी छह मैच जीते हैं। रेड-बॉल क्रिकेट में बदलाव के बारे में अंसारी ने कहा कि वह IPL के समय से ही इस फॉर्मेट के लिए तैयारी कर रहे हैं और जानते हैं कि निरंतरता (कंसिस्टेंसी) बहुत जरूरी होगी।