Asian Para Games 2026: जापान के नागोया में आयोजित एशियाई पैरा खेल 2026 में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देश का गौरव बढ़ाया है. सोमवार, 19 अक्टूबर को पुरुषों की भाला फेंक F46 स्पर्धा में भारत ने गोल्ड और सिल्वर दोनों पदक अपने नाम कर लिए.
रिंकू ने 65.11 मीटर का थ्रो करके स्वर्ण पदक जीता, जबकि अजीत सिंह 65.02 मीटर के थ्रो के साथ दूसरे स्थान पर रहे. दोनों खिलाड़ियों के प्रदर्शन में महज 9 सेंटीमीटर का अंतर रहा. इंडोनेशिया के आर सत्योनो ने 55.30 मीटर दूर भाला फेंककर कांस्य पदक हासिल किया. इस मुकाबले में भारतीय खिलाड़ियों की सफलता ने प्रतियोगिता के पहले दिन ही देश को दोहरी खुशी दी.
क्या है भाला फेंक की F46 कैटेगरी?
पैरा एथलेटिक्स में F46 कैटेगरी उन खिलाड़ियों के लिए होती है, जिनके हाथ या ऊपरी अंग में कोहनी के ऊपर या नीचे विच्छेदन हुआ हो अथवा उन्हें इसी तरह की शारीरिक अक्षमता हो. इस श्रेणी में खिलाड़ी अपनी शारीरिक स्थिति के अनुरूप भाला फेंक जैसी स्पर्धाओं में हिस्सा लेते हैं. रिंकू और अजीत सिंह ने इसी कैटेगरी में शानदार प्रदर्शन करके भारत को दो पदक दिलाए. रिंकू के 65.11 मीटर के थ्रो ने उन्हें शीर्ष स्थान दिलाया, जबकि अजीत सिंह का 65.02 मीटर का थ्रो स्वर्ण पदक से केवल 9 सेंटीमीटर दूर रह गया. दोनों खिलाड़ियों की उपलब्धि भारतीय पैरा एथलेटिक्स के लिए महत्वपूर्ण रही.
खेल मंत्री ने जताई खुशी केंद्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने सोशल मीडिया पर रिंकू का वीडियो शेयर करते हुए खुशी जाहिर की. उन्होंने एक्स पर वीडियो के कैप्शन में लिखा, “भारत के लिए डबल पोडियम. एशियन पैरा गेम्स 2026 में पुरुषों की जैवलिन F46 इवेंट में शानदार प्रदर्शन करने के लिए रिंकू (65.11 मीटर) और अजीत सिंह (65.02 मीटर) को बधाई. यह एक बेहतरीन प्रदर्शन है, जिसने एथलेटिक्स में भारत के शानदार सफर (गोल्ड जीतने के सिलसिले) को मजबूती से आगे बढ़ाया है.”
पहले दिन भारत ने जीते 11 पदक
एशियाई पैरा खेलों के पहले दिन भारत ने कुल 11 पदक हासिल किए, जिनमें 4 गोल्ड, 5 सिल्वर और 2 ब्रॉन्ज शामिल हैं. एथलेटिक्स में रिंकू और अजीत सिंह की सफलता के अलावा निषाद कुमार ने T47 लॉन्ग जंप स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता, जबकि सौम्या ने महिलाओं की 1500 मीटर T12/T13 दौड़ में गोल्ड अपने नाम किया. उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, पदक तालिका में चीन 62 पदकों के साथ पहले स्थान पर रहा, जबकि जापान 27 पदकों के साथ दूसरे स्थान पर था. भारत 11 पदकों के साथ चौथे पायदान पर रहा. प्रतियोगिता में भारतीय खिलाड़ियों से आगे भी अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है.