भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने का ऐलान कर दिया है। 36 साल के शमी ने छह नवंबर 2026 की रात करीब 11 बजे बजकर 10 मिनट पर सोशल मीडिया पर भावुक पोस्ट साझा कर अपने करियर के सबसे खास अध्याय को विराम दिया।
मोहम्मद शमी ने लिखा कि मैदान पर उनकी आखिरी टेस्ट गेंद भले ही फेंकी जा चुकी हो, लेकिन भारत के लिए खेलने का गर्व हमेशा उनके दिल में जिंदा रहेगा। खास यह है कि शमी ने उसी दिन टेस्ट करियर को विराम दिया, जिस तारीख को 13 साल पहले उन्हें इसकी कैप मिली थी।
मोहम्मद शमी ने अपने टेस्ट करियर में 64 मैच खेले और 229 विकेट अपने नाम किये। इस दौरान उन्होंने छह बार एक पारी में पांच या उससे ज्यादा विकेट लेने की उपलब्धि हासिल की। मोहम्मद शमी का सफर उतार-चढ़ाव, चोटों और शानदार वापसी की मिसाल रहा।
भावुक पोस्ट साझा कर कहा अलविदा
टेस्ट क्रिकेट से संन्यास की घोषणा करते हुए मोहम्मद शमी ने इंस्टाग्राम पर भावुक संदेश साझा किया। मोहम्मद शमी ने अपनी पोस्ट में लिखा, ”सफेद जर्सी से विदा ले रहा हूं, लेकिन उससे जुड़ी यादों से कभी नहीं…। जब पहली बार भारत की टेस्ट जर्सी पहनी थी, तब सिर्फ एक सपना था- अपने देश के लिए कुछ कर दिखाने का।”
मोहम्मद शमी ने लिखा, ”उसके बाद हर विकेट, हर संघर्ष, हर चोट और हर कमबैक ने मुझे कुछ न कुछ सिखाया। टेस्ट क्रिकेट मेरे लिए सिर्फ एक फॉर्मेट नहीं, मेरी जिंदगी का एक बेहद खास हिस्सा रहा है। आज भारी दिल और अनगिनत खूबसूरत यादों के साथ मैं टेस्ट क्रिकेट से रिटायरमेंट लेने का फैसला कर रहा हूं।”
मोहम्मद शमी ने लिखा, ”इस सफर में मेरा साथ देने वाले हर टीममेट, कोच, परिवार और उन करोड़ों भारतीयों का दिल से शुक्रिया, जिन्होंने अच्छे और मुश्किल दोनों वक्त में मुझ पर भरोसा बनाए रखा। बीसीसीआई (भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड) और क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल (CAB) का भी दिल से शुक्रिया, जिन्होंने मेरे टैलेंट पर भरोसा किया। मुझे आगे बढ़ने के मौके दिए और मेरे क्रिकेट के सफर में एक अहम भूमिका निभाई। आपका साथ और विश्वास मेरे लिए हमेशा खास रहेगा।”
मोहम्मद शमी ने लिखा, ”मैदान पर मेरी आखिरी टेस्ट गेंद भले ही फेंकी जा चुकी हो, लेकिन भारत के लिए खेलने का गर्व हमेशा मेरे दिल में जिंदा रहेगा। शुक्रिया, टेस्ट क्रिकेट। आपका शमी।”
रिटायरमेंट स्पीच में क्या बोले मोहम्मद शमी
मोहम्मद शमी ने टेस्ट क्रिकेट की अपनी रिटायरमेंट स्पीच में कहा, ”हैलो। मैं हूं मोहम्मद शमी आज मैं आपको बहुत इंपॉर्टेंट मैसेज देने के लिए आया हूं। वह मुझसे ही रिलेटेड है और मेरी जर्नी से रिलेटेड है तो मैं आप सभी को ये मैसेज देने के लिए आया हूं, लेकिन उससे पहले मुझे कुछ लोगों का शुक्रिया अदा करना है। थैंक्स बोलना है।”
शमी ने कहा, ”…तो इस जर्नी में सबसे पहले मैं अल्लाह का थैंक्स करना चाहता हूं कि ऊपर वाले ने जितना दिया बहुत दिया। सोच के बाहर दिया। इतना नहीं सोच सकते थे। उसके बाद मेरे मां-बाप अपने परिवार का अपने दोस्तों का और मेरे उन साथियों का जिन्होंने मेरी इस जर्नी में थोड़ा सा भी योगदान दिया है।
मोहम्मद शमी ने कहा, ”मेरी बहुत लंबी जर्नी रही है 13 साल की और इस छोटे से गांव से निकल कर मैंने बहुत कठिन परिश्रम किया। बहुत उतार-चढ़ाव देखे और तब जाकर बहुत मुश्किलों के बाद आज ही के दिन 6 नवंबर को मुझे ये दो चीजें (टेस्ट कैप और रेड बॉल) हाथ लगी।”
मोहम्मद शमी ने कहा, ”बहुत मुश्किलों के बाद यह टेस्ट नंबर 279, आज 13 साल पूरे हो चुके हैं। …तो इस 13 साल की जर्नी में इस कैप ने इस बॉल ने मुझे मोहम्मद शमी बनाया। जितने भी उतार चढ़ाव आए, गिरा जरूर, चोट भी लगी और इंजरी भी हुई, लेकिन इस बैच के लिए मैं फिर से खड़ा हुआ।
अपनी बात जारी रखते हुए मोहम्मद शमी बोले, ”13 साल का यह सफर बहुत अच्छा रहा है। मेरे कोच, ट्रेनर्स, फिजियो, एडिटिंग टीम और उन सभी लोगों का शुक्रिया, जिन्होंने किसी न किसी रूप में इस सफर में अपना योगदान दिया।”
मोहम्मद शमी ने कहा, ”मैं खास तौर पर उन प्रशंसकों का धन्यवाद करना चाहूंगा, जिन्होंने इस नाम को पहचान दी, इसे आगे बढ़ाया और हमेशा हौसला बढ़ाया। यह सब हमेशा याद रहेगा।”
मोहम्मद शमी ने कहा, ”सबसे बड़ा धन्यवाद आप सभी प्रशंसकों को, जिन्होंने मुझे क्रिकेट में इतना प्यार दिया और इस नाम को यहां तक पहुंचाया। यह सफर मुझे 6 नवंबर को मिला था और आज 6 नवंबर है, इसलिए 13 साल के इस सफर को आज यहीं समाप्त करते हैं।”
मोहम्मद शमी ने कहा, ”आज ही के दिन डेब्यू किया था और आज ही के दिन मैं रिटायरमेंट ले रहा हूं। इसका साथ छोड़ रहा हूं, लेकिन व्हाइट बॉल क्रिकेट जरूर खेलता रहूंगा।”
मोहम्मद शमी ने कहा, ”आईपीएल हो चाहे घरेलू क्रिकेट और अगर फिटनेस के लिए जरूरत है तो मैं डेज क्रिकेट भी खेलता रहूंगा, लेकिन अंतरराष्ट्रीय टेस्ट क्रिकेट से बस यहीं तक का सफर था, आज ही के दिन शुरू किया था और आज ही के दिन खत्म कर रहा हूं मैं इसको।”
शमी ने कहा, ”आप सभी को बहुत प्यार। अपना ख्याल रखिए। मैं उम्मीद करता हूं कि यहां से आगे भी बहुत सारी प्रतिभाएं निकलेंगी और देश के लिए खेलेंगी। आप सभी अपना ख्याल रखिए और दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं। बीसीसीआई और बंगाल क्रिकेट बोर्ड का बहुत-बहुत धन्यवाद।”
2013 में किया था टेस्ट डेब्यू
मोहम्मद शमी ने साल 2013 में छह नवंबर के दिन ही वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया था। इसके बाद उन्होंने जल्द ही भारतीय तेज गेंदबाजी आक्रमण में अपनी अहम जगह बना ली। नई और पुरानी दोनों गेंदों से स्विंग और सीम मूवमेंट हासिल करने की उनकी क्षमता ने उन्हें खास पहचान दिलाई।
अलग-अलग परिस्थितियों में गेंदबाजी करने की उनकी काबिलियत ने उन्हें भारतीय टीम का भरोसेमंद तेज गेंदबाज बनाया। मोहम्मद शमी ने अपने टेस्ट करियर में 64 मुकाबलों में 229 विकेट लिए। उन्होंने छह बार एक पारी में पांच या उससे ज्यादा विकेट हासिल किये। टेस्ट क्रिकेट में उनका प्रदर्शन भारत के लिए कई अहम मौकों पर महत्वपूर्ण रहा।
विदेशी परिस्थितियों में भी दिखाया दम
मोहम्मद शमी की उपयोगिता खास तौर पर विदेशी परिस्थितियों में देखने को मिली। भारत, साउथ अफ्रीका और वेस्टइंडीज में खेले गए 35 टेस्ट मैचों में उन्होंने 131 विकेट हासिल किये। इन मुकाबलों में उनका गेंदबाजी औसत 25 से कम रहा।
साउथ अफ्रीका उन देशों में शामिल रहा, जहां शमी ने अपने करियर के कुछ यादगार प्रदर्शन किये। साल 2018 में भारत के साउथ अफ्रीका दौरे पर जोहानिसबर्ग टेस्ट की दूसरी पारी में उन्होंने 28 रन देकर पांच विकेट लिए थे। उनके इस प्रदर्शन ने भारत को उस टेस्ट में सांत्वना जीत दिलाने में मदद की थी।
इसके बाद अगले दौरे पर सेंचुरियन में खेले गए पहले टेस्ट में शमी ने आठ विकेट अपने नाम किए। इस मुकाबले में भारतीय टीम ने एक और यादगार जीत दर्ज की थी।
WTC फाइनल में खेला था आखिरी टेस्ट
मोहम्मद शमी ने अपना आखिरी टेस्ट मैच साल 2023 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ आईसीसी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में खेला था। इसके बाद चोटों ने उनके करियर के अलग-अलग चरणों को प्रभावित किया। हालांकि, गेंद से उनका योगदान भारतीय टीम की सफलता का अहम हिस्सा बना रहा।
नई और पुरानी गेंद से स्विंग हासिल करने के साथ सीम मूवमेंट पैदा करने की उनकी क्षमता ने उन्हें भारतीय गेंदबाजी आक्रमण का महत्वपूर्ण सदस्य बनाया। मोहम्मद शमी ने अलग-अलग परिस्थितियों में अपनी गेंदबाजी से टीम के लिए योगदान दिया।