पहले राष्ट्रमंडल कबड्डी खिताब में भारत का डंका, मेंस और विमेंस टीम ने जीता गोल्ड

अहमदाबाद में खेले गए पहले राष्ट्रमंडल कबड्डी खिताब में भारत का दबदबा रहा। मेंस और विमेंस दोनों ने गोल्ड मेडल पर कब्जा किया। मेंस फाइनल में भारत ने श्रीलंका को तो विमेंस फाइनल में युगांडा को हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया।

भारतीय महिला कबड्डी टीम ने युगांडा को 35-15 से करारी शिकस्त देकर पहली राष्ट्रमंडल कबड्डी चैंपियनशिप का खिताब अपने नाम किया। भारत की ओर से साक्षी ने सबसे ज्यादा नौ रेड अंक जुटाए। अनु ने छह रेड अंक जुटाए, जबकि कप्तान निधि शर्मा ने तीन बोनस सहित पांच अंक का योगदान दिया। रितु और सुमन ने रक्षण में शानदार प्रदर्शन करते हुए चार-चार टैकल अंक हासिल किए।

भारत ने रेड से 20 और टैकल से 10 अंक जुटाए। इस दौरान टीम ने युगांडा को दो बार ऑलआउट भी किया। युगांडा की ओर से नाकायोंगो शिरात ने सबसे ज्यादा संघर्ष किया। उन्होंने टीम के लिए 11 अंक जुटाए। युगांडा ने कुल 14 रेड अंक और सिर्फ एक टैकल अंक हासिल किया। साक्षी ने जीत के बाद कहा, ”मैं बहुत खुश हूं कि मैंने नौ रेड अंक हासिल किए और टीम की जीत में योगदान दिया।” उन्होंने छह मैचों में कुल 52 अंक जुटाकर चैंपियनशिप का समापन किया। उन्होंने छह मैचों में कुल 52 अंक जुटाकर चैंपियनशिप का समापन किया।

वहीं मेंस कबड्डी टीम ने श्रीलंका को 54-20 के अंतर से हराकर गोल्ड जीता। आदित्य शिंदे ने सुपर 10 के साथ भारत के लिए सबसे ज्यादा स्कोर किया, उन्होंने 14 प्वाइंट बनाए जिसमें 10 रेड प्वाइंट के साथ चार बोनस प्वाइंट शामिल थे। भरत हुड्डा ने दूसरे हाफ में आठ रेड प्वाइंट जोड़े। सात रेड में उन्हें एक बार भी टैकल नहीं किया गया।

पंकज मोहिते ने छह प्वाइंट और वाइस-कैप्टन नवीन कुमार ने पांच प्वाइंट जोड़े। योगेश दहिया ने हाई 5 के साथ डिफेंस को लीड किया, उन्होंने पहले हाफ में पांच कोशिशों में से पांच सफल टैकल किए। शुभम शिंदे, कैप्टन सुरजीत सिंह, प्रवेश मलिक और दीपक शंकर ने दो-दो टैकल प्वाइंट्स जोड़े। इंडिया ने 30 रेड प्वाइंट्स और 14 टैकल प्वाइंट्स बनाए, चार ऑल-आउट किए।

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