Pakistan vs Sri Lanka Final: पाकिस्तान क्रिकेट टीम ने अपने फैंस को खुश होने की एक बड़ी वजह दी है. वर्ल्ड कप 2027 की तैयारियों के मद्देनजर लंबे समय बाद तीन देशों की वनडे सीरीज का आयोजन करते हुए पाकिस्तान ने इसका खिताब भी जीत लिया.
लाहौर में खेले गए फाइनल में पाकिस्तान ने फखर जमां के तूफानी शतक और अराफात मिन्हास की विस्फोटक पारी के दम पर श्रीलंका को 3 विकेट से हराया और ट्रॉफी अपने नाम कर ली. फखर ने प्लेयर ऑफ द मैच और मिन्हास ने प्लेयर ऑफ द सीरीज का अवॉर्ड जीता.
मेंडिस ने जड़ा पहला शतक
गद्दाफी स्टेडियम में शनिवार 31 अक्टूबर को खेले गए इस फाइनल में दो बेहतरीन शतक देखने को मिले. इसकी शुरुआत श्रीलंका के ओपनर कामिंडु मेंडिस ने की, जिन्होंने 131 रन की पारी खेली. ये मेंडिस के वनडे करियर का पहला ही शतक था. उनके अलावा पूरी सीरीज में लगातार रन बरसा रहे पवन रत्नायके ने फिर अपने बल्ले का दम दिखाया और 77 रन बनाए. इन पारियों की मदद से श्रीलंका ने 8 विकेट खोकर 325 रन बनाए.
फखर-मिन्हास बने जीत के हीरो
पाकिस्तान की शुरुआत खराब रही और सिर्फ 14 रन पर 2 विकेट गिर गए. बाबर आजम का तो खाता भी नहीं खुला. दोनों विकेट बाएं हाथ के पेसर दिलशान मधुशंका को मिले. मगर इसके बाद फखर जमां का बल्ला गरजा, जिन्होंने साद बेग के साथ मिलकर 149 रन की साझेदारी की. फखर इसके बाद भी रट बटोरते रहे और इसी दौरान उन्होंने करियर का 11वां शतक लगाया. मगर 230 रन तक फखर (127 रन, 99 गेंद) समेत 5 विकेट गिर चुके थे.
जीत अभी भी 96 रन दूर थी और यहीं से अराफात मिन्हास का काउंटर अटैक देखने को मिला. पाकिस्तान के इस उभरते हुए स्पिन-ऑलराउंडर ने सिर्फ 31 गेंदों में 61 रन ठोकते हुए टीम की जीत पक्की कर ली. लक्ष्य से 2 रन पहले मिन्हास समेत 2 विकेट जरूर गिरे लेकिन तब तक मैच की तकदीर तय हो चुकी थी. कप्तान शाहीन शाह अफरीदी ने छक्का जमाकर टीम को जीत दिलाई.
भारत के वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी
पाकिस्तान ने इस मैच में सिर्फ जीत ही हासिल नहीं की बल्कि टीम इंडिया के 24 साल पुराने रिकॉर्ड की बराबरी भी कर ली. असल में वनडे टूर्नामेंट्स के इतिहास में फाइनल में कोई भी टीम 326 रन से ज्यादा का लक्ष्य हासिल नहीं कर सकी है. भारतीय टीम ने 2002 में नेटवेस्ट ट्रॉफी के फाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ 326 रन का लक्ष्य हासिल कर रिकॉर्ड बनाया था. अब पाकिस्तान ने भी इसी लक्ष्य को सफलतापूर्वक चेज करते हुए रिकॉर्ड की बराबरी की.