पाकिस्तान में चल रही तीन देशों की वनडे सीरीज में श्रीलंका के उभरते हुए बल्लेबाज पवन रत्नायके ने सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोरीं. हर मैच में रन बटोरने वाले रत्नायके ने फाइनल में भी पाकिस्तान के खिलाफ एक बेहतरीन अर्धशतक जमाया.
मगर इस खिताबी मुकाबले में श्रीलंकाई पारी के स्टार रहे अनुभवी बल्लेबाज कामिंडु मेंडिस, जिन्होंने वनडे क्रिकेट में अपना पहला शतक जमाया. मेंडिस के इस शतक के दम पर श्रीलंका ने फाइनल में पहले बैटिंग करते हुए 325 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया.
सीधे फाइनल में जड़ा करियर का पहला शतक
लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम में शनिवार 31 अक्टूबर को इस फाइनल में पहले बैटिंग करते हुए श्रीलंका के ओपनर कामिंडु मेंडिस ने ये शतक जमाया. उन्होंने अपने ओपनिंग पार्टनर अविष्का फर्नांडो के साथ 87 रन की साझेदारी की. फिर कप्तान कुसल मेंडिस के जल्दी आउट होने के बाद पवन रत्नायके के साथ जोड़ी जमाई. दोनों ने तीसरे विकेट के लिए 146 रन की बेहतरीन साझेदारी की और इसी दौरान मेंडिस ने शतक जमाया. मेंडिस ने 107 गेंदों में अपना पहला ODI शतक पूरा किया.
बाएं हाथ के बल्लेबाज कामिंडु मेंडिस का ये शतक आने में 7 साल लग गए. मेंडिस ने 2019 में अपना ODI डेब्यू किया था. हालांकि 2022 तक उन्होंने सिर्फ 7 ही मैच खेले थे. फिर 2024 में उनकी इस फॉर्मेट में दोबारा श्रीलंकाई टीम में वापसी हुई और तब से लगातार खेल रहे हैं. इस सीरीज में एक-दो दमदार पारियां खेलने के बाद आखिरकार मेंडिस ने ODI क्रिकेट में भी शतक का इंतजार खत्म किया. टेस्ट क्रिकेट में पहले ही छाप छोड़ चुके मेंडिस ने अपने 37वें वनडे मैच में ये सफलता हासिल की. वो 128 गेंदों में 131 रन बनाकर आउट हुए, जिसमें 12 चौके और 2 छक्के शामिल थे.
रत्नायके की फिर जोरदार पारी
वहीं इस सीरीज में पहले ही 2 शतक जमा चुके पवन रत्नायके तीसरी बार ये कमाल करने से चूक गए. फिर भी इस बल्लेबाच ने 65 गेंदों में 77 रन की अच्छी पारी खेली, जिसके दम पर श्रीलंका ने फाइनल में पाकिस्तान को 326 रन का बड़ा लक्ष्य दिया. रत्नायके ने सीरीज का अंत सबसे ज्यादा 427 रन के साथ किया, जिसमें 2 शतक और 2 अर्धशतक शामिल हैं. उनके अलावा कोई अन्य बल्लेबाज 400 रन तक नहीं पहुंच सका.