वेलिंगटन में पंखा दिलाएगा टीम इंडिया को जीत? सीरीज जीतने के लिए भारतीय खिलाड़ियों ने किया ऐसा

भारतीय क्रिकेट टीम के बॉलिंग कोच मॉर्ने मॉर्कल ने न्यूजीलैंड दौरे पर जाने वाले टेस्ट विशेषज्ञों को वेलिंगटन की तेज हवाओं से निपटने का एक अनोखा तरीका बताया है. उन्होंने खिलाड़ियों से कहा कि वे घर पर एक मजबूत पंखे के सामने खड़े होकर अभ्यास करें.

मॉर्कल ने दक्षिण अफ्रीका के लिए खेलते हुए खुद इन तूफानी हवाओं का अनुभव किया है. मॉर्कल ने वेलिंगटन में न्यूजीलैंड के खिलाफ तीसरे टी20ई से पहले बताया, उन्होंने कहा, ‘हमने वेलिंगटन के बारे में बात की है, खासकर दौरे की शुरुआत से पहले. मैंने देर रात खिलाड़ियों से बात की, और उन्होंने पूछा कि वहां की परिस्थितियां कैसी हैं. मैंने कहा कि आप अपने घर में पंखे के आगे खड़े हो जाएं, वैसे ही हालात वेलिंगटन में होंगे.’

वेलिंगटन में हवाओं का कहर

वेलिंगटन की हवाएं इतनी तेज होती हैं कि उनकी दिशा कभी भी बदल सकती है. इससे को बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों ही मुश्किल हो जाती हैं. सोमवार को न्यूजीलैंड की राजधानी में हवा की गति 120 किमी प्रति घंटा तक पहुंच गई, जिससे मेहमान टीम को आने वाले चुनौतियों की एक झलक मिल गई.

होटल भी हिल गया

मॉर्कल खुद इन परिस्थितियों से हैरान थे. दक्षिण अफ्रीका के इस पूर्व तेज गेंदबाज ने बताया कि हवा इतनी तेज थी कि उन्हें अपने होटल के अंदर से भी उसकी ताकत महसूस हो रही थी. उन्होंने कहा, ‘यह हवा एक अलग ही जानवर है. मैं सुबह होटल में था और पूरी इमारत हिल रही थी.’ उन्होंने आगे कहा, ‘तो मुझे लगता है कि यह एक नई चीज होने वाली है जिसे हम अपनी किताबों में जोड़ेंगे, ताकि खिलाड़ी जल्द से जल्द इसके आदी हो सकें.’

मानसिक तैयारी जरूरी

बेसिन रिजर्व में, एक बल्लेबाज क्रीज पर संतुलन बनाए रखने के लिए संघर्ष कर सकता है, जबकि एक गेंदबाज को लय हासिल करने या गेंद को नियंत्रित करने में मुश्किल हो सकती है. मॉर्कल अनुभव से जानते हैं कि कुछ दिनों का अभ्यास इस समस्या को दूर नहीं करेगा. उनका मानना है कि मुख्य बात परिस्थितियों को स्वीकार करना और उनके साथ काम करने का तरीका खोजना है. उन्होंने बताया, ‘जब मैं दक्षिण अफ्रीका के साथ यहां दौरे पर आया था, तो हमारे पास इसके आदी होने के कुछ खास तरीके थे. मुझे नहीं लगता कि आप दो, तीन या चार दिनों में इसके आदी हो सकते हैं.’ उन्होंने कहा, ‘तो यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप पूरी स्थिति को कैसे देखते हैं: या तो आप इसे एक चुनौती के रूप में देखेंगे, या आप इसे नकारात्मक के रूप में देखेंगे.’

गेंदबाजों के लिए भी मुश्किल

भारतीय गेंदबाजी आक्रमण के लिए एक व्यावहारिक समस्या भी है. हवा मैदान पर घूमती रहती है और दिशा बदलती है, कुछ गेंदबाजों को दूसरों की तुलना में हवा का सामना अधिक बार करना पड़ सकता है. मॉर्कल चाहते हैं कि उनके खिलाड़ी इस जिम्मेदारी को लेने के लिए तैयार रहें, बजाय इसके कि वे मुश्किल स्पेल अपने साथियों पर छोड़ दें. उन्होंने कहा, ‘उम्मीद है, हम उन खिलाड़ियों को ऐसी मानसिक स्थिति में ला सकते हैं जहां वे उस चुनौती का इंतजार करें. आखिर में, आपको किसी की जरूरत होती है जो हाथ उठाए और हवा के खिलाफ गेंदबाजी करे, क्योंकि हम चार खिलाड़ियों को हवा के साथ गेंदबाजी नहीं करवा सकते.’

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