Nepal Premier League 2026: आज यानी 26 अक्टूबर 2026 से शुरू होने जा रही नेपाल प्रीमियर लीग (NPL) से ठीक पहले एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। टूर्नामेंट का आगाज होने ही वाला है, लेकिन पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के एक फैसले ने कई पाकिस्तानी खिलाड़ियों की भागीदारी पर तलवार लटका दी है।
PCB के चेयरमैन मोहसिन नकवी के नेतृत्व वाले बोर्ड पर आरोप लगा है कि उन्होंने नेपाल प्रीमियर लीग में हिस्सा लेने के लिए प्रति खिलाड़ी 25 हजार यूएस डॉलर यानी करीब 23.73 लाख रुपये की मोटी रकम की मांग की है। यह मांग अनापत्ति प्रमाणपत्र यानी NOC देने के एवज में की गई है, जिससे लीग के आयोजकों के साथ-साथ खिलाड़ी भी मुश्किल में आ गए हैं।
खिलाड़ियों की अनुमति ‘होल्ड’ पर
दिलचस्प और हैरान करने वाली बात तो यह है कि जिन पाकिस्तानी खिलाड़ियों को पहले ही NOC मिल चुका था, उन्हें भी ऐन वक्त पर सूचित किया गया है कि उनकी अनुमति फिलहाल ‘होल्ड’ यानी रोक दी गई है।
दरअसल, क्रिकइन्फो की रिपोर्ट के मुताबिक, पीसीबी ने अभी तक कई खिलाड़ियों को क्लीयरेंस नहीं दिया है और जिन्हें दिया था, उनका भी रोक दिया गया है। ऐसे में आज से शुरू हो रहे टूर्नामेंट में उनकी भागीदारी को लेकर सस्पेंस गहरा गया है।
इन स्टार खिलाड़ियों के खेलने पर सस्पेंस
आपको बता दें कि नेपाल की इस टी20 लीग में पाकिस्तान के कई बड़े नाम शामिल होने वाले थे। इनमें पाकिस्तान टी20 टीम के कप्तान साहिबजादा फरहान, हैदर अली, हुनैन शाह, हुसैन तलत, इफ्तिखार अहमद, हसन अली और उसामा मीर जैसे प्रमुख खिलाड़ी शामिल हैं।
काठमांडू पहुंचे खिलाड़ी फंसे, बाकियों ने रोका प्लान
लीग के आयोजकों की समस्या इसलिए ज्यादा बढ़ गई है क्योंकि पाकिस्तान ने यह डिमांड बिल्कुल आखिरी समय पर की है। इतने कम समय में रिप्लेसमेंट ढूंढना नामुमकिन जैसा है।
रिपोर्ट के अनुसार, कुछ पहले ही नेपाल की राजधानी काठमांडू पहुंच चुके हैं और अब बिना NOC के फंस गए हैं। वहीं, जो खिलाड़ी अभी पाकिस्तान में ही हैं, उन्होंने इस मसले के हल होने तक नेपाल जाने का अपना प्लान टाल दिया है।
26 अक्टूबर से 21 नवंबर तक चलेगा टूर्नामेंट
नेपाल प्रीमियर लीग का आयोजन 26 अक्टूबर से 21 नवंबर तक होना है। इस प्रतियोगिता में कुल आठ टीमें हिस्सा ले रही हैं और इसके सभी मुकाबले काठमांडू में खेले जाने हैं। हालांकि, द्वारा पैसे मांगे जाने के दावे को स्वतंत्र रूप से पूरी तरह वेरिफाई नहीं किया जा सका है, लेकिन क्रिकेट जगत में इस तरह का मुद्दा पहली बार नहीं उठा है।