रोमांचक मुकाबले में श्रीलंका ने इंग्लैंड को दी मात
रावलपिंडी क्रिकेट स्टेडियम में इंग्लैंड और श्रीलंका के बीच खेले गए वनडे मैच ने अंतिम क्षणों तक दर्शकों को बांधे रखा। इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 429 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया, जिससे श्रीलंका को जीत के लिए 430 रन का लक्ष्य मिला।
इस चुनौतीपूर्ण लक्ष्य का पीछा करते हुए श्रीलंकाई खिलाड़ियों ने हार नहीं मानी। मुकाबला अंतिम ओवर में जाकर तय हुआ, जब जनित लियानागे ने छक्का लगाकर टीम की जीत सुनिश्चित की। श्रीलंका ने एक गेंद शेष रहते दो विकेट से यह मैच अपने नाम किया।
हैरी ब्रूक का शानदार दोहरा शतक
इंग्लैंड की पारी में हैरी ब्रूक ने सबसे अधिक प्रभावित किया। उन्होंने 116 गेंदों में 202 रन बनाकर दोहरा शतक पूरा किया। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी ने श्रीलंकाई गेंदबाजों के लिए मुश्किलें खड़ी कर दीं। इंग्लैंड का स्कोर इतना बड़ा था कि उनकी जीत की संभावना मजबूत नजर आ रही थी। हालांकि, क्रिकेट में बड़े लक्ष्य हमेशा सुरक्षित नहीं होते, और श्रीलंका ने इसका प्रमाण पेश किया। ब्रूक की व्यक्तिगत उपलब्धि शानदार रही, लेकिन टीम इसे जीत में बदलने में असफल रही।
श्रीलंका की शुरुआत में मुश्किलें
श्रीलंका की पारी की शुरुआत अच्छी नहीं रही। कामिंदु मेंडिस 18 रन बनाकर आउट हो गए, और कप्तान कुसल मेंडिस बिना कोई रन बनाए रन आउट हो गए। इन शुरुआती झटकों ने टीम की स्थिति को कठिन बना दिया, लेकिन अविष्का फर्नांडो और पवन रत्नायके ने पारी को संभाल लिया। दोनों ने दूसरे विकेट के लिए 137 गेंदों में 166 रन जोड़कर मैच का रुख बदलने की कोशिश की। फर्नांडो ने 97 रन बनाए और शतक से केवल तीन रन दूर रहकर आउट हुए।
पवन रत्नायके और दासुन शनाका की तेज बल्लेबाजी
फर्नांडो के आउट होने के बाद, पवन रत्नायके ने जिम्मेदारी संभाली और 130 रन की पारी खेली। उन्होंने दासुन शनाका के साथ मिलकर रन गति को तेज बनाए रखा। दोनों बल्लेबाजों ने केवल 79 गेंदों में 133 रन जोड़ दिए, जिससे इंग्लैंड के गेंदबाजों पर दबाव बढ़ गया। शनाका ने महज 37 गेंदों में 73 रन बनाकर तेजी से रन बटोरे। वह भी 97 रन पर आउट हुए और शतक से तीन रन दूर रह गए। दोनों के विकेट गिरने के बाद श्रीलंका को फिर मुश्किल स्थिति का सामना करना पड़ा, लेकिन टीम की जीत की संभावना पूरी तरह खत्म नहीं हुई थी।
जनित लियानागे ने अंतिम ओवर में दिलाई जीत
निर्णायक क्षण अंतिम ओवर में आया। श्रीलंका को जीत के लिए आठ रन चाहिए थे। पहली गेंद पर एक रन लेने के बाद टीम ने लगातार दो गेंदों पर दो विकेट गंवा दिए। ऐसे दबाव में जनित लियानागे ने संयम बनाए रखा। जॉश टंग की पांचवीं गेंद पर उन्होंने जोरदार छक्का लगाया और श्रीलंका को लक्ष्य तक पहुंचा दिया। लियानागे ने 27 गेंदों में नाबाद 61 रन बनाए, जिसमें सात चौके और तीन छक्के शामिल थे। उनका छक्का मैच का निर्णायक प्रहार साबित हुआ और इंग्लैंड की जीत की उम्मीदें समाप्त हो गईं।
श्रीलंका ने बनाया नया रिकॉर्ड
इस जीत के साथ, श्रीलंका ने वनडे क्रिकेट में दूसरा सबसे बड़ा सफल लक्ष्य हासिल किया और अपने पिछले रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, इस प्रारूप में सबसे बड़ा सफल रन चेज दक्षिण अफ्रीका ने 2006 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 435 रन बनाकर किया था। श्रीलंका की 430 रन की उपलब्धि ने भारत के वेस्टइंडीज के खिलाफ 406 रन के सफल लक्ष्य का पीछा करने वाले रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया। यह मुकाबला दर्शाता है कि बड़े स्कोर के बावजूद अंतिम गेंद तक नतीजा तय नहीं माना जा सकता।