भारतीय क्रिकेट टीम के आक्रामक विकेटकीपर-बल्लेबाज संजू सैमसन इन दिनों वेस्टइंडीज के खिलाफ जारी टी20 सीरीज में एक बेहद अजीब और अनचाहे संयोग से जूझ रहे हैं। सीरीज के शुरुआती चार मुकाबलों में उनका प्रदर्शन ऑन-ऑफ मोड में रहा है, लेकिन चौंकाने वाला पहलू यह है कि जब भी संजू के बल्ले से रनों की बरसात हुई, टीम इंडिया को हार झेलनी पड़ी।
वहीं, जिन मुकाबलों में वे जल्दी पवेलियन लौटे, वहां भारतीय टीम विजयी रही। पांच मैचों की यह श्रृंखला अब 2-2 की बराबरी पर खड़ी है और 17 अक्टूबर को होने वाला आखिरी मुकाबला सीरीज का फैसला करेगा।
सीरीज के आंकड़ों पर नजर डालें तो पहले टी20 मैच में संजू सैमसन महज 11 रन बनाकर आउट हो गए थे, मगर भारत ने वह मुकाबला 8 विकेट से आसानी से जीत लिया था। इसके बाद दूसरे मैच में संजू ने 41 गेंदों पर 9 चौके और 4 छक्कों की मदद से 82 रनों की तूफानी पारी खेली, लेकिन विंडीज टीम ने यह मैच 6 विकेट से जीतकर भारत की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। तीसरे मैच में एक बार फिर संजू सस्ते में निपटे और सिर्फ 3 रन बना सके, जहां टीम इंडिया 14 रनों से मुकाबला अपने नाम करने में सफल रही। चौथे टी20 में संजू ने फिर पलटवार करते हुए मात्र 23 गेंदों में 6 चौके और 4 छक्के ठोककर 56 रन कूट डाले, मगर भारतीय टीम को 24 रनों से शिकस्त का सामना करना पड़ा।
इस अजीबोगरीब सिलसिले के बीच अब सारा दारोमदार 17 अक्टूबर के निर्णायक मुकाबले पर टिक गया है। क्रिकेट गलियारों में यह सवाल तेजी से उठ रहा है कि क्या कप्तान श्रेयस अय्यर सीरीज डिसाइडर में संजू सैमसन पर ही भरोसा जताएंगे या फिर युवा प्रतिभा वैभव सूर्यवंशी को डेब्यू का मौका मिलेगा। पूरी सीरीज में बेंच पर बैठे वैभव को क्या सीधे फाइनल जैसे महामुकाबले में प्लेइंग इलेवन में उतारा जाएगा, यह फैसला टीम मैनेजमेंट और कप्तान के लिए सबसे बड़ी चुनौती साबित होने वाला है।