भारतीय क्रिकेट टीम और कार्यवाहक कप्तान श्रेयस अय्यर के सामने शनिवार, 17 अक्टूबर को बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में साख बचाने की सबसे बड़ी अग्निपरीक्षा होने वाली है। भारत और वेस्टइंडीज के बीच खेली जा रही पांच मैचों की टी20 इंटरनेशनल सीरीज फिलहाल 2-2 की बराबरी पर आ खड़ी हुई है।
इस निर्णायक जंग में अब दांव पर सिर्फ सीरीज की ट्रॉफी ही नहीं, बल्कि भारतीय धरती पर टीम इंडिया का वह ऐतिहासिक दबदबा भी लगा है जो पिछले 24 सालों से कोई कैरेबियाई टीम नहीं तोड़ पाई है।
आंकड़ों के आईने में देखें तो भारतीय सरजमीं पर टीम इंडिया का रिकॉर्ड बेहद बेजोड़ रहा है। भारत में वेस्टइंडीज के खिलाफ कभी भी कोई घरेलू टी20 सीरीज हारने का रिकॉर्ड नहीं रहा है। इतना ही नहीं, अगर टेस्ट और वनडे फॉर्मेट को भी जोड़ लें तो साल 2002 के बाद से वेस्टइंडीज की टीम भारत में किसी भी प्रारूप में द्विपक्षीय सीरीज नहीं जीत पाई है। टी20 क्रिकेट के इतिहास में दोनों टीमों की पहली भिड़ंत साल 2009 के टी20 वर्ल्ड कप में हुई थी, जबकि 2011 में खेली गई इकलौती टी20 सीरीज को भारत ने आसानी से जीत लिया था। अब बेंगलुरु में होने वाला पांचवां मुकाबला तय करेगा कि यह अजेय सिलसिला बरकरार रहता है या फिर इतिहास का नया पन्ना लिखा जाएगा।
वेस्टइंडीज की टीम ने भारत के खिलाफ आखिरी बार टी20 सीरीज साल 2023 में अपनी घरेलू सरजमीं पर 3-2 से जीती थी। उस लय को वे अब भारतीय मैदानों पर भी दोहराने की फिराक में हैं। मौजूदा सीरीज में टीम इंडिया के लिए सबसे बड़ा सिरदर्द कैरेबियाई कप्तान शाई होप की तूफानी फॉर्म बनी हुई है। होप लगातार शीर्ष क्रम में मजबूत पारियां खेलकर भारतीय गेंदबाजों के पसीने छुड़ा रहे हैं। चिन्नास्वामी की छोटी बाउंड्री और बल्लेबाजों के मुफीद पिच पर अगर होप का बल्ला फिर गरजा तो श्रेयस की सेना के लिए घरेलू किला बचाना बेहद चुनौतीपूर्ण साबित होगा।