भारतीय स्पिनर रविचंद्रन अश्विन टीम इंडिया के मैनेजमेंट से नाराज हैं. उन्हें लगता है कि मैनेजमेंट टीम सिलेक्शन में कॉमन सेंस का इस्तेमाल नहीं कर रहा है. वेस्टइंडीज के खिलाफ चौथे टी20 मैच में स्पिनर कुलदीप यादव को मौका नहीं दिया गया.
अश्विन को मैनेजमेंट का यही फैसला समझ नहीं आ रहा है. उन्हें लगता है कि जब कैरिबियाई खिलाड़ी कुलदीप के खिलाफ संघर्ष कर रहे हैं, तो उन्हें मौका क्यों नहीं दिया जा रहा है.
कुलदीप यादव के समर्थन में अश्विन
अश्विन ने अपने यूट्यूब चैनल ‘एश की बात’ पर कहा,
जिस मैदान पर बाउंस होता है, वहां स्पिनर्स को मदद नहीं मिलती है. लेकिन वेस्टइंडीज के बल्लेबाज कुलदीप की गुगली और लेग-स्पिन को समझ नहीं पा रहे हैं. इसलिए, कुलदीप को मौका न देने का फैसला मुझे सही नहीं लगता. यहां कॉमन सेंस की कमी नजर आती है. यह बहुत हैरान करने वाला फैसला है, क्योंकि मुझे लगता है कि कुलदीप के होने से 15-20 रनों का फर्क पड़ सकता था.
कुलदीप को शुरुआती दो टी20 मुकाबलों में टीम में जगह मिली थी. उन्होंने लखनऊ में 33 और रांची में 53 रन खर्च किए. इसके बाद उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया. अश्विन के मुताबिक, भारत की हार के पीछे कई वजहें थीं. लेकिन हार के बाद कुलदीप यादव को ही टीम से बाहर कर दिया गया. अश्विन इस फैसले से सहमत नहीं हैं.
कुलदीप को मौका क्यों नहीं मिला?
अश्विन ने आगे कहा कि उन्हें हैरानी हुई कि कुलदीप को इंदौर टी20 में मौका नहीं दिया गया. उनके मुताबिक, इंदौर के छोटे मैदान पर कुलदीप की मौजूदगी फायदेमंद हो सकती थी. लेकिन टीम मैनेजमेंट ने उन्हें प्लेइंग इलेवन में शामिल नहीं किया. कुलदीप यादव का प्रदर्शन भी अश्विन की बात को मजबूती देता है. इस महीने की शुरुआत में खेली गई वनडे सीरीज के तीन मैचों में उन्होंने सात विकेट लिए थे. वह इस सीरीज में भारत के लिए सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज रहे थे.
वहीं, टी20 इंटरनेशनल सीरीज में भारतीय गेंदबाज वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों को रोकने के लिए संघर्ष करते दिखे हैं. हैदराबाद में वेस्टइंडीज ने तीन विकेट पर 247 रन बनाए. भारत 223 रन ही बना सका और 24 रन से मुकाबला हार गया. सीरीज अभी 2-2 से बराबर है. यानी शनिवार को बेंगलुरु में होने वाला मुकाबला निर्णायक होगा. देखना होगा कि इस मुकाबले में कुलदीप यादव की प्लेइंग इलेवन में वापसी होती है या नहीं.