श्रेयस अय्यर के फैसले पर गावस्कर ने उठाए सवाल, रांची में टीम नहीं बचा पाई थी 249 का स्कोर

रांची के जेएससीए इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए दूसरे टी20 मुकाबले में टीम इंडिया 249 के स्कोर को भी डिफेंड नहीं कर पाई। वेस्टइंडीज ने यह लक्ष्य 9 गेंद शेष रहते 4 विकेट खोकर हासिल कर लिया।

भारत की ओर से स्पिन गेंदबाजों की खूब धुलाई हुई। अक्षर पटेल ने 63 रन तो कुलदीप ने भी 50 से ज्यादा रन लुटाए। कई ऐसे मौके रहे जब कप्तान श्रेयस अय्यर ने गेंदबाजी को लेकर गलत फैसले लिए। इसी पर सुनील गावस्कर ने अपनी राय दी है। उन्होंने अय्यर के फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा ‘वेस्टइंडीज के खिलाफ रांची में खेले गए दूसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में भारत ने तेज गेंदबाज मयंक यादव या बाएं हाथ के तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह के बजाय कुलदीप यादव को महत्वपूर्ण 17वां ओवर सौंपकर बड़ी गलती की।

कुलदीप ने इस ओवर में 24 रन लुटाए, जिसमें तीन छक्के, एक चौका और एक वाइड शामिल थी। इससे 250 रन के लक्ष्य का पीछा कर रहे वेस्टइंडीज का पलड़ा भारी हो गया। वेस्टइंडीज ने यह मैच छह विकेट से जीतकर पांच मैचों की श्रृंखला 1-1 से बराबर कर ली। गावस्कर ने जियोस्टार से कहा, ”मैं 17वें ओवर में अर्शदीप या मयंक में से किसी एक को गेंदबाजी के लिए बुलाता। अर्शदीप ने अपने आखिरी ओवर (18वें ओवर) में खूब रन लुटाए, लेकिन मयंक ने शुरुआती झटके दिए थे।”

उन्होंने कहा, ”मयंक का इकॉनमी रेट लगभग 12 रन प्रति ओवर था और उस समय वेस्टइंडीज को इससे अधिक रन चाहिए थे। इसलिए अगर उन्होंने विकेट ले लिया होता तो मैच आपके पक्ष में जा सकता था।” गावस्कर का मानना था कि उस महत्वपूर्ण मोड़ पर मयंक का एक और विकेट वेस्टइंडीज पर भारी दबाव डाल सकता था और उसके लिए मुश्किल पैदा कर सकता था।

उन्होंने कहा, ”जब एक बार विकेट मिल जाए तो विपक्षी टीम अचानक बैकफुट पर आ जाती है। एक नए बल्लेबाज को आना पड़ता है। इसलिए उस समय मयंक को आजमाया जाना चाहिए था। इसके अलावा मुझे लगता है कि नौवें ओवर में शिवम दुबे को गेंदबाजी के लिए बुलाना सही फैसला नहीं था। तब बल्लेबाज लय हासिल करने की कोशिश कर रहे थे और इसलिए तब कुलदीप को लाना शायद बेहतर विकल्प होता।”

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