IND vs WI: रांची में भारत की हार के 5 गुनहगार, शर्मनाक प्रदर्शन से किया टीम इंडिया को बेइज्जत

भारत और वेस्टइंडीज के बीच खेला गया दूसरा टी20 मुकाबला भारतीय फैंस के लिए बेहद निराशाजनक रहा। भारतीय बल्लेबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए बोर्ड पर 249 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया था।

गेंदबाजों के खराब प्रदर्शन और दिशाहीन गेंदबाजी के कारण वेस्टइंडीज ने यह पहाड़ जैसा लक्ष्य आसानी से चेज कर लिया।

इतने बड़े स्कोर की रक्षा न कर पाना भारतीय गेंदबाजी और ऑलराउंडर्स के लचर प्रदर्शन को बयां करता है। गेंदबाजी में तो हर गेंदबाज की जमकर पिटाई हुई लेकिन बैटिंग में भी एक या दो नाम ऐसे रहे, जिनका प्रदर्शन उम्मीद के अनुसार नहीं रहा। हार के जिम्मेदार प्लेयर्स को जानना चाहिए।

अक्षर पटेल

भारतीय स्पिन आक्रमण की रीढ़ माने जाने वाले अक्षर पटेल इस मैच में पूरी तरह बेअसर और महंगे साबित हुए। अक्षर ने अपने 3.3 ओवरों के कोटे में बिना कोई सफलता हासिल किए 63 रन लुटा दिए। उनका इकोनॉमी रेट 18 का रहा, जिसने वेस्टइंडीज को आवश्यक रन रेट के करीब बनाए रखा। कैरिबियाई बल्लेबाजों ने उनके खिलाफ खुलकर बड़े शॉट्स खेले, जिससे भारतीय टीम मैच में पकड़ नहीं बना सकी।

कुलदीप यादव

अक्षर पटेल के साथ-साथ कुलदीप यादव की फिरकी का जादू भी रांची में काम नहीं आया। कुलदीप ने अपने पूरे 4 ओवर फेंके और 53 रन देकर केवल 1 विकेट हासिल किया। 13.25 के महंगे इकोनॉमी रेट से रन लुटाने की वजह से मध्य ओवरों में भारतीय टीम रन गति पर अंकुश लगाने में नाकाम रही। शाई होप और रदरफोर्ड ने कुलदीप के खिलाफ बड़े छक्के लगाकर दबाव को पूरी तरह से हटा दिया।

अर्शदीप सिंह

टीम के प्रमुख तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह से पावरप्ले और डेथ ओवरों में कसी हुई गेंदबाजी की उम्मीद थी लेकिन वे विकेट तरसते दिखे। अर्शदीप ने अपने 4 ओवरों के कोटे में 45 रन दिए और एक भी सफलता हासिल नहीं कर सके। 11.25 का इकोनॉमी रेट और शुरुआती ब्रेकथ्रू न दिला पाना भारतीय टीम के लिए भारी पड़ा।

शिवम दुबे

शिवम दुबे के लिए यह मैच बल्ले और गेंद दोनों से भूलने वाला रहा। बल्लेबाजी में वे 10 गेंदों का सामना करके केवल 7 रन ही बना सके, जिससे मध्यक्रम में रनों की रफ्तार थोड़ी धीमी हुई। श्रेयस अय्यर की जगह प्रमोट कर उनको ऊपर भेजा गया था। इसके बाद जब गेंदबाजी में कप्तान ने उन पर भरोसा जताया, तो उन्होंने 2 ओवरों में बिना कोई विकेट लिए 30 रन खर्च कर दिए। 15 के इकोनॉमी रेट से रन देना टीम के लिए नुकसानदेह साबित हुआ।

नमन धीर

ऑलराउंडर के रूप में टीम में शामिल नमन धीर भी कोई खास प्रभाव नहीं छोड़ पाए। हालांकि बल्लेबाजी में उन्हें केवल 1 गेंद खेलने का मौका मिला जिसमें उन्होंने चौका लगाया, लेकिन गेंदबाजी में वे महंगे साबित हुए। नमन ने 2 ओवरों में 25 रन दिए और कोई भी विकेट निकालने में असफल रहे। 12.5 का इकोनॉमी रेट और विकेट न मिलने से कैरिबियाई बल्लेबाजों को आसानी से रन बनाने का मौका मिलता रहा।

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