स्पोर्ट्स डेस्क। भुवनेश्वर कुमार की टीम इंडिया में वापसी ने सिर्फ उनके फैंस को खुश नहीं किया, बल्कि भारतीय तेज गेंदबाजी के भविष्य पर भी चर्चा शुरू कर दी है। न्यूजीलैंड के खिलाफ 22 अक्टूबर से शुरू होने वाली पांच मैचों की टी20 सीरीज के लिए 36 साल के भुवनेश्वर को टीम में चुना गया है।
अब सवाल यह है कि क्या वह जसप्रीत बुमराह के साथ 2027 वनडे वर्ल्ड कप की योजना का हिस्सा बन सकते हैं?
भुवनेश्वर के चयन को लेकर कई रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि चयनकर्ता मौजूदा तेज गेंदबाजी विकल्पों को लेकर पूरी तरह आश्वस्त नहीं हैं। इसी वजह से अनुभवी भुवनेश्वर पर दोबारा भरोसा जताया गया है। आईपीएल 2026 में 16 मैचों में 28 विकेट लेने के बाद उनकी वापसी हुई है।
पूर्व भारतीय बल्लेबाज वसीम जाफर ने भी भुवनेश्वर के चयन का समर्थन किया है। अपने यूट्यूब चैनल पर उन्होंने कहा कि भुवी को चुनना किसी पर एहसान नहीं है। उनके प्रदर्शन लगातार अच्छे रहे हैं और फिटनेस भी शानदार रही है। जाफर ने सवाल उठाया कि आखिर उन्हें पहले टीम से बाहर क्यों रखा गया था।
जाफर ने कहा कि टीम में सिर्फ युवाओं पर निर्भर नहीं रहा जा सकता। बड़े मुकाबलों के दबाव में अनुभव की जरूरत होती है और टीम में युवा खिलाड़ियों के साथ अनुभवी खिलाड़ियों का सही मिश्रण होना चाहिए।
इसके साथ ही उन्होंने मोहम्मद शमी और मोहम्मद सिराज को लेकर भी सवाल खड़े किए। जाफर ने कहा कि सिराज को लगातार मैच खेलने का मौका नहीं मिल रहा है और यह साफ नहीं है कि टीम के दूसरे और तीसरे प्रमुख तेज गेंदबाज कौन हैं।
जाफर के मुताबिक, अगर वह टीम चुनते तो उनकी पहली पसंद जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद शमी और मोहम्मद सिराज होते। उनका मानना है कि जब आपके पास इस स्तर के गेंदबाज मौजूद हैं तो वर्ल्ड कप के इतने करीब उन्हें पर्याप्त मौके मिलने चाहिए। उनके अनुसार, असली बदलाव की जरूरत हो तो वह वर्ल्ड कप के बाद किया जा सकता है।
शमी को लेकर जाफर ने टेस्ट क्रिकेट में भी वापसी की उम्मीद जताई। उन्होंने कहा कि वह लंबे समय से शमी की टेस्ट टीम में वापसी का इंतजार कर रहे हैं। जाफर ने यहां तक कहा कि अगर शमी को नजरअंदाज किया गया तो उनके लिए टेस्ट टीम का दरवाजा बंद होने का खतरा हो सकता है।
उन्होंने टेस्ट टीम की घोषणा के समय शमी और युवा तेज गेंदबाज आकिब नबी पर खास नजर रहने की बात भी कही। ऐसे में भुवनेश्वर की वापसी ने जहां भारतीय पेस अटैक में अनुभव लौटाया है, वहीं शमी और सिराज को लेकर चयनकर्ताओं के फैसले पर सवाल भी खड़े कर दिए हैं।