चाइना ओपन: फैन को लगा मेदवेदेव का शॉट, बीच मैच में डिस्क्वालिफाई, फाइनल में पहुंचे जोकोविच

बीजिंग, 5 अक्टूबर (आईएएनएस)। पूर्व वर्ल्ड नंबर 1 नोवाक जोकोविच दिग्गज खिलाड़ी डेनिल मेदवेदेव के सेमीफाइनल मैच से बाहर होने के बाद चाइना ओपन के चैंपियनशिप मैच में पहुंच गए। रिकॉर्ड छह बार के चैंपियन जोकोविच 7-5, 5-3, 15/15 के स्कोर पर मैच के लिए सर्विस कर रहे थे, तभी एक गेंद पीछे की दीवार से टकराकर उछली।

मेदवेदेव ने तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए गेंद को मारा, जिससे वह भीड़ में चली गई और एक फैन को लग गई। इसके चलते मेदवेदेव को डिस्क्वालिफाई कर दिया गया।

अब 2022 में अस्ताना खिताब जीतने के बाद पहली बार किसी एटीपी 500 टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंचे नोवाक जोकोविच का सामना मंगलवार को खिताबी मुकाबले में एलेक्स डी मिनौर से होगा। एटीपी हेड-टू-हेड मुकाबलों में जोकोविच का पलड़ा भारी रहा है और उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के पांचवीं वरीयता प्राप्त खिलाड़ी डी मिनौर के खिलाफ 3-1 की बढ़त बना रखी है।

मेदवेदेव और जोकोविच ने बीजिंग के स्टेडियम कोर्ट पर 2 घंटे 29 मिनट तक एक रोमांचक सेमीफाइनल मैच खेला था। पिछले हफ्ते हांगझोऊ चैंपियन बने मेदवेदेव अपनी लगातार आठवीं टूर-लेवल जीत की कोशिश में पूरे आत्मविश्वास के साथ खेल रहे थे, लेकिन जोकोविच ने एक ब्रेक से पिछड़ने के बाद वापसी करते हुए पहला सेट जीता और दूसरे सेट में अपने प्रतिद्वंद्वी की सर्विस दो बार तोड़कर जीत के करीब पहुंच गए।

जोकोविच ने अपनी शानदार बेसलाइन बॉल-स्ट्राइकिंग का प्रदर्शन किया। भले ही प्वाइंट्स के बीच उन्हें कभी-कभी शारीरिक रूप से संघर्ष करते देखा गया, जैसा कि उन्होंने बुयुनचाओकेट और ज्वेरेव के खिलाफ पिछले दो राउंड में किया था। 39 वर्षीय खिलाड़ी ने अपने सामने आए 18 में से 16 ब्रेक प्वाइंट बचाए।

सेमीफाइनल मुकाबले को लेकर जोकोविच ने कहा, “सच कहूं तो, यह थोड़ा चौंकाने वाला था। चोटिल व्यक्ति के लिए अफसोस है। सच कहूं तो मैंने देखा नहीं कि क्या हुआ? मुझे उम्मीद है कि उस व्यक्ति को ज्यादा चोट नहीं आई होगी। दूसरी तरफ, मुझे डेनिल के लिए भी बुरा लग रहा है, क्योंकि मैं अच्छी तरह जानता हूं कि किसी बड़े मैच में डिसक्वालिफाई होने पर कैसा महसूस होता है। मैं भी यूएस ओपन 2020 में ऐसे ही हालात में डिसक्वालिफाई हुआ था। मुझे यकीन है कि डेनिल ने ऐसा जानबूझकर नहीं किया। ऐसा हो जाता है।”

“मैं जीत से बस तीन प्वाइंट्स दूर था। यह एक बहुत मुश्किल मुकाबला था। मैं बिल्कुल भी तीसरा सेट नहीं खेलना चाहता था। हालात कुछ ऐसे ही लग रहे थे। मुझे नहीं पता कि मैंने कितने ब्रेक प्वाइंट बचाए। यह अविश्वसनीय था। डेनिल के साथ मुकाबला हमेशा कड़ा होता है, और जब वह धीमी परिस्थितियों में अपनी जबरदस्त सर्विस के साथ गेंद को अच्छे से हिट कर रहा हो, तो उसके खिलाफ खेलना बहुत मुश्किल होता है। लेकिन हम आगे बढ़ते हैं।”

इससे पहले बीजिंग में क्वार्टर फाइनल के एक रोमांचक मुकाबले में टॉप सीड अलेक्जेंडर ज्वेरेव को हराने के बाद, जोकोविच अब अपने 102वें टूर-लेवल खिताब से बस एक जीत दूर हैं। इससे वह रोजर फेडरर के रिकॉर्ड के करीब पहुंच जाएंगे, जिन्होंने 103 खिताब जीते थे। जिमी कॉनर्स (109 खिताब) ही एकमात्र ऐसे खिलाड़ी हैं, जिन्होंने उनसे ज्यादा खिताब जीते हैं।

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