Asian Games Archery: भारतीय सेना में सूबेदार, जिसने जिताए 2 सिल्वर मेडल, तीरंदाजी में भारत की हुई चांदी

एशियन गेम्स 2026 में भारत के निशानेबाजों ने तो निराश किया लेकिन तीरंदाजों ने उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन किया. खास तौर पर रिकर्व इवेंट में भारतीय तीरंदाजों ने अपना अब तक का सबसे अच्छा प्रदर्शन किया और तीनों टीम इवेंट के मेडल जीत लिए.

जहां सबसे बड़ी सफलता और वाहवाही महिला रिकर्व टीम को मिली, जिसने गोल्ड मेडल जीता तो वहीं मेंस टीम और मिक्स्ड टीम इवेंट में भी मेडल देश की झोली में आए. हालांकि, इन दोनों ही फाइनल में भारत को हार मिली लेकिन सिल्वर मेडल जरूर भारतीय तीरंदाजों ने जीते.

अक्सर ओलंपिक और एशियन गेम्स में आर्चरी के रिकर्व इवेंट में खाली हाथ लौटने वाले भारतीय तीरंदाजों को आलोचना का सामना करना पड़ता था. मगर इस बार जापान में भारत ने सिर्फ कंपाउंड में ही नहीं बल्कि रिकर्व में भी अपना दम दिखाया. भारत ने इस बार टीम कम्पटीशन के तीनों इवेंट के फाइनल में जगह बनाई जो अपने आप में ऐतिहासिक था. इसमें  इतिहास रचा और इसलिए सबसे ज्यादा सुर्खियां उन्होंने बटोरी हैं.

गोल्ड के बाद कुमकुम का सिल्वर

मगर इसके अलावा मिक्स्ड टीम इवेंट में भी भारत ने ऐतिहासिक सिल्वर मेडल जीता है. एशियन गेम्स के इतिहास में ये पहला ही मौका था, जब भारत ने मिक्स्ड टीम इवेंट के फाइनल में जगह बनाई थी और टीम सिल्वर जीतकर लौटी. इस फाइनल में भारत को चीन के हाथों हार का सामना करना पड़ा. मिक्स्ड टीम में भारत के लिए कुमकुम मोहोद और धीरज बोम्मादेवारा की जोड़ी ने ये सफलता दिलाई. इस फाइनल से ठीक पहले कुमकुम ने देश को महिला टीम का गोल्ड मेडल दिलाने में बड़ी भूमिका निभाई थी.

सूबेदार धीरज का भी सफलता में योगदान

वहीं भारतीय सेना में सूबेदार और अनुभवी तीरंदाज धीरज ने भी टीम को इन गेम्स में ये यादगार सिल्वर मेडल जीता. मगर धीरज सिर्फ इतने से संतुष्ट नहीं हुए. उन्होंने इसके बाद मेंस टीम रिकर्व में भी भारत को फाइनल में पहुंचाया. पिछले एशियन गेम्स में भी धीरज इस इवेंट के फाइनल में पहुंचने वाली टीम का हिस्सा थे. तब उन्हें साउथ कोरिया के हाथों हार का सामना करना पड़ा था और सिल्वर मेडल भारत की झोली में आया था. बदकिस्मती से एक बार फिर साउथ कोरिया ने ही धीरज और भारतीय टीम की उम्मीदों पर पानी फेरकर गोल्ड जीत लिया. मगर भारतीय टीम फिर भी खाली हाथ नहीं लौटी.

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