भारतीय क्रिकेट टीम के आक्रामक विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत इन दिनों अपने करियर के एक बेहद अहम और निर्णायक मोड़ पर खड़े हैं। फिलहाल टीम इंडिया की सिर्फ टेस्ट टीम में अपनी मौजूदगी दर्ज करा रहे पंत की पहली प्राथमिकता लाल गेंद की क्रिकेट में अपनी लय बनाए रखना, रनों का अंबार लगाना और हाथ से फिसली टेस्ट टीम की उपकप्तानी को दोबारा हासिल करना है।
इसके साथ ही उनकी नजरें आगामी आईपीएल और घरेलू प्रतियोगिताओं के जरिए सीमित ओवरों यानी वनडे और टी20 फॉर्मेट में अपनी खोई हुई जगह को वापस पाने पर टिकी हैं। मौजूदा सूरतेहाल को देखते हुए भले ही आईसीसी वनडे वर्ल्ड कप 2027 और टी20 टीम के समीकरणों से वे दूर नजर आ रहे हों, लेकिन पंत ने साफ कर दिया है कि वे घरेलू मैदानों पर करिश्माई प्रदर्शन कर राष्ट्रीय चयनकर्ताओं के दरवाजे पर फिर से जोरदार दस्तक देंगे।
ईरानी कप में संभालेंगे कमान, न्यूजीलैंड टेस्ट सीरीज की तैयारी शुरू
ऋषभ पंत गुरुवार, 1 अक्टूबर से शुरू हो रहे प्रतिष्ठित ईरानी कप मुकाबले में रेस्ट ऑफ इंडिया टीम की कप्तानी करते हुए एक्शन में नजर आएंगे। चोट और हालिया फॉर्म के उतार-चढ़ाव के चलते व्हाइट-बॉल क्रिकेट से बाहर चल रहे पंत के लिए यह घरेलू टूर्नामेंट बेहद अहम साबित होने वाला है। वे आगामी न्यूजीलैंड दौरे पर होने वाली टेस्ट सीरीज की अपनी पुख्ता तैयारियां इसी मुकाबले के जरिए शुरू कर रहे हैं।
टेस्ट क्रिकेट में पंत की शैली भारत के अन्य विकेटकीपरों की तुलना में पूरी तरह जुदा और बेखौफ रही है। वे कई मर्तबा अपनी ताबड़तोड़ और आक्रामक बल्लेबाजी के बूते अकेले दम पर मैच का पासा पलटते रहे हैं। हालांकि इस आक्रामक रवैये के चलते वे कई बार नाकाम भी हुए और उन्हें तीखी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा, लेकिन टीम मैनेजमेंट का भरोसा हमेशा उनके साथ बना रहा।
‘जब तक आप विराट कोहली न हों…’ पंत का पॉडकास्ट में बड़ा बयान
व्हाइट-बॉल क्रिकेट से बाहर होने के दर्द और वापसी की रणनीति पर ऋषभ पंत ने ‘बिजनेस ऑफ स्पोर्ट’ पॉडकास्ट में बेहद बेबाकी से अपनी बात रखी। पंत ने स्वीकार किया कि टीम से बाहर होना किसी भी खिलाड़ी के लिए निराशाजनक होता है, लेकिन एक पेशेवर एथलीट के रूप में आपको यह स्वीकार करना होता है कि हर सेटबैक के बाद एक बड़ा कमबैक जरूर छिपा होता है। दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली के निरंतर और असाधारण प्रदर्शन की मिसाल देते हुए पंत ने कहा कि एक एथलीट के तौर पर आपका करियर ग्राफ हमेशा ऊपर-नीचे होता रहता है, जब तक कि आप विराट कोहली न हों—क्योंकि वे वास्तव में अविश्वसनीय और असाधारण रहे हैं।
टेस्ट उपकप्तानी वापस पाने और 2027 वर्ल्ड कप के लिए बनानी होगी मजबूत जमीन
कुछ समय पहले तक भारतीय टेस्ट टीम के उपकप्तान रहे ऋषभ पंत से चयनकर्ताओं ने यह जिम्मेदारी वापस ले ली थी। अब पंत का पूरा ध्यान न केवल टेस्ट उपकप्तानी को फिर से अपनी झोली में डालने पर है, बल्कि अपने प्रदर्शन से यह साबित करने पर भी है कि वे तीनों फॉर्मेट के बेजोड़ खिलाड़ी हैं। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पंत को वनडे और टी20 टीम में दोबारा नियमित जगह बनानी है, तो उनके लिए आने वाला आईपीएल सीजन और घरेलू टूर्नामेंट्स बेहद असाधारण रहने चाहिए। ईरानी कप में रेस्ट ऑफ इंडिया की कप्तानी उनके लिए इस दिशा में पहला और सबसे बड़ा अवसर साबित हो सकती है।