विराट कोहली किस रफ्तार से तोड़ेंगे सचिन तेंदुलकर के शतकों का रिकॉर्ड? सामने आया दिलचस्प आंकड़ों का खेल

विराट कोहली ने वेस्टइंडीज के खिलाफ तिरुवनंतपुरम में 139 रन की नाबाद पारी खेलकर सिर्फ भारत को जीत नहीं दिलाई, बल्कि अपने शतकों की गिनती को भी एक ऐसे मुकाम पर पहुंचा दिया, जहां से सचिन तेंदुलकर का 100 इंटरनेशनल शतकों का रिकॉर्ड फिर चर्चा के केंद्र में आ गया है।

यह विराट का 55वां ODI शतक और 86वां इंटरनेशनल शतक था। साथ ही वह 15000 ODI रन पूरे करने वाले सिर्फ दूसरे बल्लेबाज बने।

अब असली सवाल यह नहीं है कि विराट सचिन के रिकॉर्ड के कितने करीब हैं। असली सवाल है-86 से 101 तक पहुंचने के लिए उनके सामने कितना बड़ा आंकड़ों का खेल है? कोहली दुनिया में 101 इंटरनेशनल शतक जड़ने वाले बल्लेबाज बन सकते हैं और इसके लिए उनको क्या करना पड़ेगा। आंकड़ों का पूरा गणित इस आर्टिकल में समझाया गया है।

रिकॉर्ड तोड़ने के लिए 15 शतक

सचिन तेंदुलकर के नाम 100 इंटरनेशनल शतक हैं। विराट के खाते में फिलहाल 86 हैं। इसलिए 100 की बराबरी के लिए उन्हें 14 और शतक चाहिए। अगर लक्ष्य सचिन के आंकड़े को पार करना है, तो विराट को 101 तक जाना होगा, यानी 15 और शतक बनाने होंगे। यही 15 शतक उनके करियर में सबसे दिलचस्प मोड़ है।

पूरे करियर की रफ्तार से गणित कितना बड़ा है?

विराट ने 630 इंटरनेशनल पारियों में टेस्ट (30), वनडे (55), टी20 (1) सहित कुल 86 शतक बनाए हैं। यानी उनके पूरे इंटरनेशनल करियर में लगभग हर 7.33 पारियों में एक शतक आया है। अगर यही दर आगे भी जारी रही, तो 15 और शतकों के लिए करीब 110 पारियां चाहिए होंगी।

यहां एक बड़ा बदलाव भी है। विराट अब टेस्ट और T20 इंटरनेशनल नहीं खेल रहे हैं। उनका पूरा अंतरराष्ट्रीय फोकस ODI क्रिकेट पर है। इसलिए पूरे करियर का 7.33 पारियों वाला आंकड़ा उनकी मौजूदा स्थिति को पूरी तरह नहीं बताता है।

ODI रिकॉर्ड तस्वीर को बदल देता है

वनडे में विराट का रिकॉर्ड इस गणित को काफी अलग नजरिया देता है। वेस्टइंडीज के खिलाफ 139 रनों की पारी के बाद उनके नाम 303 ODI पारियों में 55 शतक हैं। यानी ODI करियर में लगभग हर 5.51 पारियों में एक शतक आता है। इस दर से 15 शतक और जड़ने के लिए करीब 83 ODI पारियां चाहिए। यानी पूरे इंटरनेशनल करियर की दर से निकला आंकड़ा करीब 110 पारियां है, जबकि ODI करियर की दर से यह लगभग 83 पारियां रह जाता है।

हालिया फॉर्म का गणित सबसे अलग और दिलचस्प

सबसे दिलचस्प आंकड़ा हालिया फॉर्म का है। विराट की पिछली 10 वनडे पारियों में चार आए हैं। यानी सिर्फ एक फ़ॉर्मेट में आने के बाद उन्होंने ज्यादा प्रोग्रेस की है। दस पारियों के हिसाब से शतक की दर 2.5 पारी हो जाती है। इसी रफ्तार को आगे बढ़ाने पर 15 शतकों के लिए करीब 38 पारियां बनती हैं।

हालांकि 10 पारियों का सैंपल पूरे करियर से बहुत छोटा है लेकिन मौजूदा फॉर्म को देखना जरूरी हो जाता है। टेस्ट क्रिकेट छोड़ने के बाद पूरा ध्यान एकदिवसीय क्रिकेट पर देते हुए कोहली ने अपने शतकों की संख्या में जबरदस्त वृद्धि की है। फिटनेस और मौजूदा फॉर्म के अनुसार तो अब उनके शतकों की दर पूरे करियर की दर से ऊपर रहने का अनुमान है।

अगले साल वर्ल्ड कप में चल सकता है बल्ला

अब यह तो तय है कि विराट कोहली अगले साल अपना अंतिम एकदिवसीय वर्ल्ड कप खेलने वाले हैं। उनके शतकों के सफर में यह वर्ल्ड कप भी एक अहम कड़ी रहने वाला है लेकिन कितने मैच भारत के पास होंगे, यह अभी नहीं कह सकते हैं। वर्ल्ड कप 2027 का फ़ॉर्मेट अलग है। छह-छह टीमों के ग्रुप और सुपर सेवन के बाद सेमीफाइनल और फाइनल वाला फ़ॉर्मेंट है। इसमें कोहली कितने शतक जड़ेंगे और भारत का सफर कहां तक जाएगा। यह नहीं कहा जा सकता है।

यही वजह है कि 86 से 101 का सफर किसी तय भविष्यवाणी से ज्यादा एक दिलचस्प क्रिकेटिंग गणित है। क्रिकेट को महान अनिश्चितताओं का गेम कहा जाता है। इस वजह से कई बार गणित भी फेल हो जाता है। गणित और आंकड़ों के आधार पर विश्लेषण करके एक अनुमान लगाया जा सकता है। अब देखना यह है कि कोहली के अगले 15 शतक कितनी पारियों में आते हैं।

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