क्या विराट कोहली ODI में सचिन से बेहतर खिलाड़ी हैं? आंकड़े भरते हैं हामी, लेकिन तुलना जायज नहीं

विराट कोहली ने दिग्गज सचिन तेंदुलकर की तुलना में 74 कम पारियों में एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 15000 रन पूरे किए लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि उन्होंने इस प्रारूप में ‘मुंबई के स्टार बल्लेबाज’ को पीछे छोड़ दिया है।

कोहली और सचिन की तुलना जायज नहीं

आंकड़े भले कहीं कोई कहानी बयां कर रहे हों लेकिन वास्तविकता के मैदान पर आकलन करना जरूरी है, क्योंकि तेंदुलकर ने दो दशकों से अधिक समय तक जो 50 ओवर का खेल खेला, वह आज की तुलना में नियमों और स्वरूप में बहुत अलग था। कोहली और तेंदुलकर दोनों ही प्रतिभा के धनी हैं। दोनों ही अपने-अपने समय के उत्कृष्ट बल्लेबाज रहे हैं और इसलिए केवल आंकड़ों के आधार पर उनकी तुलना नहीं की जा सकती। लेकिन क्या कोहली वनडे में तेंदुलकर से बड़े खिलाड़ी हैं। कुछ मामलों में इसका जवाब हां हो सकता है लेकिन ऐसी तुलना कभी भी जायज नहीं ठहरायी जा सकती है। इन दोनों बल्लेबाजों के नाम पर कुछ ऐसे ऐतिहासिक रिकॉर्ड दर्ज हैं जिन्हें निकट भविष्य में शायद ही कोई और छू पाएगा।

क्या कोहली ज्यादा बेहतर? आंकड़े भरते हैं हामी

वनडे में कोहली के शतकों की संख्या 55 है और यह सिलसिला जारी है, जबकि तेंदुलकर के रनों की संख्या 18,426 है। कोहली के नाम वनडे में 15080 रन हैं और वनडे मैचों की घटती संख्या को देखते हुए उनके लिए कुल रन की संख्या में तेंदुलकर को पीछे छोड़ना लगभग असंभव है। अगर 15000 रन तक पहुंचने के लिए इन दोनों बल्लेबाजों की कुल पारियों की संख्या पर गौर करें तो कोहली ने 303 पारियों (315 मैच) में यह उपलब्धि हासिल की जबकि तेंदुलकर 377 पारियों (387 मैच) में इस मुकाम पर पहुंचे थे। इससे भी अधिक दिलचस्प आंकड़ा यह है कि कोहली ने तेंदुलकर की तुलना में 1578 कम गेंद खेलकर यह मुकाम हासिल किया। तेंदुलकर ने 15000 रन बनाने के लिए 17528 गेंदों का, जबकि कोहली ने 15950 गेंदों का सामना किया।

इन मामलों में कोहली बहुत आगे

तेंदुलकर की तुलना में कोहली का प्रति पारी औसत रन भी काफी अधिक है। कोहली का प्रति पारी रन औसत 49.5 है, जबकि तेंदुलकर का 39.9 है। जब नाबाद पारियों की गणना की जाती है तो कोहली का बल्लेबाजी औसत 58.8 है, जबकि तेंदुलकर का औसत 44.24 था, जिसे तब शानदार माना जाता था। कोहली का स्ट्राइक रेट 94 से अधिक है, जो तेंदुलकर के 86 से बेहतर है। तेंदुलकर ने जब 15000 रन पूरे किए थे तो उनके नाम पर 41 शतक दर्ज थे जबकि कोहली ने 55 शतक लगाए हैं। इसका मतलब यह है कि कोहली ने प्रति 5.5 पारियों में एक शतक बनाया जबकि तेंदुलकर ने प्रति शतक के लिए 9.2 पारियां खेली थी।

भिन्न परिस्थितियां, तुलना करना मुश्किल

आंकड़े हमेशा अपनी कहानी अलग तरह से बयां करते हैं लेकिन इन दोनों खिलाड़ियों की खेल करियर के दौरान परिस्थितियां काफी भिन्न थी। इसलिए आंकड़ों को विराम देकर यह मानना लाजमी होगा कि यह दोनों अपने जमाने के दिग्गज रहे हैं।

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