‘इतना कहने के लिए हिम्मत चाहिए, कुछ कड़वाहट रखते हैं.’ पूर्व क्रिकेटर ने अश्विन को सराहा, अगरकर पर दिया था बयान

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व ऑफ स्पिनर आर अश्विन ने नेशनल सेलेक्शन कमिटी के अध्यक्ष पद से अलग हुए अजित अगरकर का सपोर्ट किया है. अगरकर के कार्यकाल में उन्हें कई बड़े और मुश्किल फैसले लेने पड़े, खासकर सीनियर खिलाड़ियों को धीरे-धीरे टीम से हटाकर नई पीढ़ी को मौका देने के दौरान.
अश्विन भी उन खिलाड़ियों में शामिल थे, जिन्हें अगरकर के कार्यकाल में टीम से बाहर किया गया था. इसके बावजूद अश्विन ने उनके काम को समझने की कोशिश की.

अश्विन ने अपने यूट्यूब चैनल पर अगरकर के काम की तारीफ करते हुए कहा कि व्यक्तिगत तौर पर प्रभावित होने के बावजूद वह उनके पूरे कार्यकाल को अलग नजरिए से देखते हैं, “मैं उन सीनियर खिलाड़ियों में से एक था, जिन्हें उनके कार्यकाल में बाहर किया गया, लेकिन इससे अलग हटकर देखें तो वह चयन समिति के बहुत अच्छे अध्यक्ष रहे हैं.” अश्विन के मुताबिक, टीम के भविष्य को ध्यान में रखकर बड़े फैसले लेना आसान नहीं होता और इसके लिए काफी हिम्मत की जरूरत होती है.

आकाश चोपड़ा ने अश्विन की बात को बताया खास
पूर्व भारतीय क्रिकेटर आकाश चोपड़ा ने भी अश्विन के इस रुख की तारीफ की. उन्होंने कहा कि कई पूर्व खिलाड़ी अपने करियर के दौरान लिए गए फैसलों को लेकर लंबे समय तक नाराज रहते हैं, “इतना कुछ कहने के लिए हिम्मत चाहिए. मैंने बहुत से बड़े खिलाड़ियों को देखा है जो कड़वाहट रखते हैं.” चोपड़ा के मुताबिक, अश्विन की बात इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि वह खुद उस बदलाव का हिस्सा रहे थे और अगरकर के कार्यकाल में उन्हें भी टीम से बाहर होना पड़ा था.

अगरकर के पास कई ऐसी बातें, जो पब्लिक नहीं कर सकते
आकाश चोपड़ा ने कहा कि सेलेक्शन प्रोसेस के दौरान पर्दे के पीछे कई ऐसी बातें होती हैं, जिनकी जानकारी सेलेक्शन कमिटी के अध्यक्ष को होती है, लेकिन वह उन्हें पब्लिक नहीं कर सकते, “ऐसी बहुत सी हकीकत हैं, जिन्हें अजित जानते हैं लेकिन वह बता नहीं सकते क्योंकि वह अनुबंध से बंधे हुए हैं.” उन्होंने कहा कि अगरकर का ध्यान भारतीय क्रिकेट को आगे ले जाने पर था, न कि केवल पुराने खिलाड़ियों या उनके रिकॉर्ड को देखते रहने पर.

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