रोहित शर्मा बनें अजीत अगरकर के जाने की वजह? चीफ सेलेक्टर ने BCCI से नहीं मांगा एक्सटेंशन

Ajit Agarkar-Rohit Sharma: टीम इंडिया के चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर का मौजूदा कार्यकाल 4 अक्टूबर 2026 को खत्म होने जा रहा है. कुछ समय पहले तक चर्चा थी कि अगरकर आगे भी इस पद पर बने रह सकते हैं और 2027 वनडे वर्ल्ड कप तक भारतीय टीम की प्लानिंग का हिस्सा हो सकते हैं, लेकिन अब तस्वीर बदलती नजर आ रही है.

रिपोर्ट के मुताबिक, अगरकर ने बीसीसीआई को बता दिया है कि वह अपने कार्यकाल का विस्तार नहीं चाहते. इसके बाद बोर्ड को नए चीफ सेलेक्टर की तलाश करनी पड़ सकती है.

आखिर क्यों बदला अगरकर का मन?

सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर अजीत अगरकर कुछ समय पहले तक 2027 वनडे वर्ल्ड कप तक टीम इंडिया के साथ बने रहने की योजना बना रहे थे, तो अचानक उन्होंने एक्सटेंशन नहीं लेने का फैसला क्यों किया? इस पूरे घटनाक्रम के बीच रोहित शर्मा के वनडे भविष्य को लेकर चयनकर्ताओं और बोर्ड के शीर्ष अधिकारियों के नजरिए में कथित अंतर की खबरें भी सामने आती रही हैं.

ताजा मीडिया रिपोर्ट में भी अगरकर के कार्यकाल को लेकर पैदा हुई स्थिति के बीच रोहित के वनडे भविष्य पर मतभेदों का जिक्र किया गया है. दरअसल, जुलाई में इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के दौरान ऐसी रिपोर्ट्स सामने आई थीं कि चयनकर्ता भविष्य की ओर देखते हुए यशस्वी जायसवाल को वनडे में लंबा मौका देना चाहते हैं. उस समय रोहित शर्मा के भविष्य को लेकर अटकलें तेज हो गई थीं. हालांकि बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने सार्वजनिक रूप से इन अटकलों को खारिज करते हुए साफ किया था कि लॉर्ड्स वनडे रोहित का आखिरी मैच नहीं होगा और वह टीम की योजनाओं का हिस्सा रहने तक भारत का प्रतिनिधित्व करते रहेंगे.

जायसवाल-गिल की जोड़ी पर नजर?

2027 वनडे वर्ल्ड कप को ध्यान में रखते हुए यशस्वी जायसवाल को बतौर ओपनर तैयार करने की चर्चा लंबे समय से चल रही है. इंग्लैंड दौरे के दौरान भी रिपोर्ट्स में कहा गया था कि चयनकर्ता जायसवाल को आगे के लिए एक विकल्प के रूप में विकसित करना चाहते हैं.
अगरकर की अगुवाई वाली चयन समिति ने पिछले कुछ सालों में भारतीय टीम में बड़े बदलाव किए हैं. रोहित शर्मा के बाद शुभमन गिल को वनडे कप्तानी की जिम्मेदारी मिली. ऐसे में 2027 वर्ल्ड कप से पहले एक स्थायी टीम कॉम्बिनेशन तैयार करना चयन समिति के रोडमैप का अहम हिस्सा माना जाता रहा है.

रोहित के मुद्दे पर सामने आई थी ‘नाराजगी’ की रिपोर्ट

सूत्र बता रहे हैं कि बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया की ओर से रोहित शर्मा के भविष्य को लेकर दिए गए सार्वजनिक बयान से चयन समिति के कुछ सदस्य खुश नहीं थे. सूत्रों का दावा है कि चयनकर्ताओं का रुख रोहित के भविष्य को लेकर अलग था.

रिव्यू मीटिंग में भी नहीं पहुंचे थे अगरकर

इस पूरे मामले में एक और घटनाक्रम ने चर्चाओं को हवा दी थी. 3 सितंबर को मुंबई में हुई बीसीसीआई की अहम रिव्यू मीटिंग में अजीत अगरकर शामिल नहीं हुए थे. इस बैठक में हेड कोच गौतम गंभीर, कप्तान शुभमन गिल और श्रेयस अय्यर समेत बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे. हालांकि, अगरकर की गैर-मौजूदगी पर बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने स्पष्टीकरण दिया था. उनके मुताबिक बैठक बेहद कम समय के नोटिस पर बुलाई गई थी, अगरकर शहर से बाहर थे और जिस जगह पर थे वहां कनेक्टिविटी की समस्या के कारण वह ऑनलाइन भी नहीं जुड़ सके. सैकिया ने यह भी कहा था कि उस बैठक में चयन समिति में बदलाव या अगरकर के भविष्य को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई.

इसी बैठक के बाद सैकिया ने रोहित शर्मा की बल्लेबाजी की तारीफ भी की थी. इससे एक बार फिर यह संकेत मिला कि बोर्ड का सार्वजनिक रुख रोहित को लेकर सकारात्मक बना हुआ है.

अब नए चीफ सेलेक्टर की तलाश?

सूत्रों के मुताबिक अगरकर अब एक्सटेंशन लेने के इच्छुक नहीं हैं. ऐसे में 4 अक्टूबर को उनका मौजूदा कार्यकाल खत्म होने के बाद बीसीसीआई को सीनियर पुरुष चयन समिति के नए अध्यक्ष पर फैसला करना होगा. हालांकि बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया के मुताबिक इस मामले में अभी अंतिम आधिकारिक निर्णय नहीं हुआ है.

अगरकर के कार्यकाल में भारत 2023 वनडे वर्ल्ड कप के फाइनल तक पहुंचा, 2024 टी20 वर्ल्ड कप और 2025 चैंपियंस ट्रॉफी जीती. अब उनका संभावित तौर पर पद छोड़ना भारतीय क्रिकेट के लिए एक अहम बदलाव होगा. फिलहाल इतना जरूर साफ है कि रोहित शर्मा के भविष्य और अगरकर के एक्सटेंशन को लेकर चर्चाएं एक ही समय पर तेज हुई हैं, यही वजह है कि आने वाले दिनों में बीसीसीआई का अगला कदम और नए चीफ सेलेक्टर का चयन काफी अहम रहने वाला है.

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