शमी भी हो गए हैं वैभव के फैन! सूर्यवंशी का गिफ्ट देख हो गए इमोशनल

मोहम्मद शमी भी वैभव सूर्यवंशी के फैन हो गए हैं. दिग्गज प्लेयर को वैभव के साथ ईस्ट जोन के लिए दलीप ट्रॉफी में ड्रेसिंग रूम शेयर करने का मौका मिला. अब शमी उनकी तारीफ करते नहीं रुक रहे हैं.

वैभव ने फाइनल जीतने के बाद शमी को एक गिफ्ट भी दिया, जिसे देख दिग्गज प्लेयर इमोशनल हो गए.

दरसअल, वैभव को दलीप ट्रॉफी में ईस्ट जोन का वाइस कैप्टन बनाया गया था. वहीं, शमी टीम की बॉलिंग यूनिट को लीड कर रहे थे. 13 साल बाद ईस्ट जोन ने दलीप ट्रॉफी जीती. उन्होंने साउथ जोन को पहली इनिंग्स में मिली लीड के दम पर हराया. हालांकि, ये फाइनल मुकाबला शमी के लिए एक और कारण से खास था. ये उनका 100वां फर्स्ट क्लास मैच था.

वैभव को लेकर शमी ने क्या कहा?

10 सितंबर को मुकाबले के खत्म होने के बाद एक इमोशनल पल देखने को मिला. 15 साल के वैभव ने पूरी टीम की तरफ से मोहम्मद शमी को एक खास तोहफा दिया. ये तोहफा उनके 100वें फर्स्ट क्लास मैच की उपलब्धि के सम्मान के लिए था. वैभव ने शमी को एक जर्सी भेंट की, जिसमें ईस्ट जोन के सभी प्लेयर्स के साइन थे. इस गिफ्ट ने शमी को इमोशनल कर दिया.

BCCI डोमेस्टिक ने इस मोमेंट का सोशल मीडिया पर एक क्लिप भी शेयर किया है. इस क्लिप में मोहम्मद शमी बेबी बॉस की जमकर तारीफ करते दिख रहे हैं. उनके मुताबिक, इतनी कम उम्र में वैभव ने ईस्ट जोन के ड्रेसिंग रूम में बहुत छाप छोड़ी है. वैभव में कम उम्र के बावजूद चीजों को समझने और सीखने की गजब क्षमता है. वैभव के साथ बिताए समय को याद करते हुए शमी ने कहा कि उन्होंने वैभव की कंपनी को खूब एंजॉय किया. उन्होंने कहा,

हमारी टीम का बच्चा वैभव सूर्यवंशी जितने साल का है, उतनी लंबी मेरी क्रिकेट जर्नी है. उसमें बच्चों वाली मासूमियत है. उसे मजाक करना बहुत पसंद है. लेकिन, वह चीजों को बहुत जल्दी सीखता है.

साथ ही शमी ने यह भी माना कि आज के यंग्सटर्स को पहले के मुकाबले कम उम्र में ही बड़े मंच का अनुभव मिल जाता है. IPL और दूसरे हाई-प्रेशर टूर्नामेंट में खेलने से उनके अंदर मैच कंडिशंस को समझने की क्षमता जल्दी डेवलप हो रही है. उनके मुताबिक, मौजूदा दौर के यंग्सटर्स को हर चीज सिखाने के बजाय सही समय पर अच्छी सलाह देना ज्यादा जरूरी है.

 

 

 

टीम इंडिया में वापसी को लेकर क्या कहा?

वहीं, टीम इंडिया में वापसी को लेकर भी मैच के बाद शमी ने बात की. फाइनल में दो विकेट झटकने वाले दिग्गज पेसर के मुताबिक, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि ये 100वां मैच है या पहला. हर मैच में उतनी ही एनर्जी झोंकने की जरूरत है. मैच के दौरान शमी ने स्मरण रविचंद्रन और शेख रशीद का विकेट झटका. इस प्रदर्शन को लेकर उनकी वापसी के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा,

प्लेयर की मेहनत और रवैये में फर्क नहीं आना चाहिए. जब कोई प्लेयर टीम की जर्सी पहनता है तो उसके अंदर टीम के लिए कुछ करने और बेस्ट देने की भूख होनी चाहिए. मैदान पर मिलने वाले हर मौके को जिम्मेदारी के साथ भुनाना सबसे जरूरी है. इससे, कोई फर्क नहीं पड़ता ये पहला मुकाबला है या 100वां.

बंगाल के इस तेज गेंदबाज ने पिछले 18 महीने से डोमेस्टिक सर्किट के हर फॉर्मेट में खेला है. इस दौरान उन्होंने रणजी ट्रॉफी में 36, सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में 16 और विजय हजारे ट्रॉफी में 15 विकेट झटके हैं. वहीं, दलीप ट्रॉफी में भी उन्होंने 62 ओवर बॉलिंग की. हालांकि, इस दौरान उन्हें टीम इंडिया में जगह नहीं मिली है. अंतिम बार वो 2025 मार्च में चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में खेले थे. अब ये देखने लायक होगा कि आगामी वेस्टइंडीज सीरीज और न्यूजीलैंड दौरे पर उन्हें टीम में जगह मिलती है या एक बार फिर एज वाला फैक्टर बताकर उन्हें इग्नोर कर दिया जाता है.

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