Duleep Trophy 2026 : ईस्ट जोन ने ठोके 708 रन, साउथ जोन के सामने बड़ी चुनौती; ड्रॉ हुआ मैच तो कौन बनेगा चैंपियन?

  • ईशान किशन के 270 रन और कुमार कुशाग्र के शतक से ईस्ट जोन ने पहली पारी में बनाया विशाल स्कोर; साउथ जोन के शुरुआती 2 विकेट 70 रन पर गिरे, पहली पारी की बढ़त बनी निर्णायक

Duleep Trophy 2026 दलीप ट्रॉफी 2026 के फाइनल में ईस्ट जोन ने पहली पारी में 708 रन का विशाल स्कोर खड़ा कर दिया है।

टीम ने करीब दो दिन तक बल्लेबाजी की। कप्तान ईशान किशन ने 270 रन की शानदार पारी खेली, जबकि कुमार कुशाग्र ने भी शतक जड़कर टीम को बड़े स्कोर तक पहुंचाने में अहम योगदान दिया। इसके बावजूद ईस्ट जोन की ओर से पारी घोषित नहीं किए जाने को लेकर क्रिकेट फैंस के बीच सवाल उठ रहे हैं।

कई लोगों का मानना है कि पांच दिवसीय मुकाबले में 500-550 रन के आसपास पारी घोषित करके विपक्षी टीम को आउट करने के लिए ज्यादा समय लिया जा सकता था। हालांकि, दलीप ट्रॉफी के फाइनल के नियमों को देखें तो ईस्ट जोन का पारी घोषित नहीं करने का फैसला रणनीतिक रूप से अहम माना जा सकता है।

ईस्ट जोन ने क्यों नहीं घोषित की पारी?

दलीप ट्रॉफी के फाइनल में ड्रॉ की स्थिति में पहली पारी की बढ़त बेहद महत्वपूर्ण होती है। नॉकआउट मुकाबलों के लिए लागू नियमों के मुताबिक, अगर फाइनल का नतीजा ड्रॉ रहता है तो पहली पारी में बढ़त हासिल करने वाली टीम को चैंपियन घोषित किया जाता है।

यही वजह है कि ईस्ट जोन ने अपनी पहली पारी को ज्यादा से ज्यादा मजबूत करने पर जोर दिया। 708 रन का स्कोर बनाकर टीम ने साउथ जोन पर बड़ा दबाव बना दिया है। अब मुकाबले का नतीजा चाहे जीत-हार से निकले या ड्रॉ हो, पहली पारी का स्कोर ईस्ट जोन के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

ड्रॉ हुआ तो कौन बनेगा चैंपियन?

फाइनल को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर पांच दिनों के बाद मुकाबला ड्रॉ हो जाता है तो ट्रॉफी किसके नाम होगी। नियम इस मामले में स्पष्ट है। ड्रॉ होने पर दोनों टीमों को संयुक्त विजेता घोषित नहीं किया जाता। इसके बजाय पहली पारी में बढ़त हासिल करने वाली टीम को चैंपियन बनाया जाता है।

इस लिहाज से ईस्ट जोन ने 708 रन बनाकर अपनी स्थिति काफी मजबूत कर ली है। अगर साउथ जोन अपनी पहली पारी में 707 या उससे कम रन पर आउट होती है और मुकाबला ड्रॉ रहता है, तो ईस्ट जोन को दलीप ट्रॉफी 2026 का विजेता घोषित किया जाएगा।

वहीं, अगर साउथ जोन ईस्ट जोन के 708 रन के स्कोर को पार कर पहली पारी में बढ़त हासिल कर लेती है, तो ड्रॉ की स्थिति में फायदा साउथ जोन को मिलेगा।

ईशान किशन ने खेली 270 रन की पारी

ईस्ट जोन के कप्तान ईशान किशन ने फाइनल में शानदार बल्लेबाजी करते हुए 270 रन बनाए। उनकी पारी में 30 चौके और 7 छक्के शामिल रहे। उनके अलावा कुमार कुशाग्र ने शतक लगाकर टीम के स्कोर को 700 रन के पार पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।

ईस्ट जोन को शुरुआती दौर में वैभव सूर्यवंशी और अभिमन्यु ईश्वरन ने भी अच्छी शुरुआत दिलाई थी। दोनों ने पहले विकेट के लिए शतकीय साझेदारी की। सूर्यवंशी ने 44 रन और अभिमन्यु ईश्वरन ने 72 रन बनाए।

साउथ जोन की शुरुआत भी दबाव में

ईस्ट जोन के 708 रन के जवाब में साउथ जोन की पहली पारी शुरू हो चुकी है। टीम को शुरुआती झटका भी लग चुका है। साउथ जोन के शुरुआती दो विकेट 70 रन के स्कोर पर गिर गए।

अब मुकाबले के तीसरे दिन साउथ जोन के सामने सबसे बड़ी चुनौती ईस्ट जोन के विशाल स्कोर को पार कर पहली पारी में बढ़त हासिल करने की है। अगर वह ऐसा नहीं कर पाती और मैच ड्रॉ रहता है, तो ईस्ट जोन के पास चैंपियन बनने का मजबूत मौका रहेगा।

ईशान बोले- रन बनाना ही हमारा काम

दूसरे दिन का खेल खत्म होने के बाद ईशान किशन ने अपने हालिया अच्छे फॉर्म को लेकर भी बात की। उन्होंने कहा कि उन्होंने खुद को बदलने की कोई खास कोशिश नहीं की, बल्कि टीम से बाहर रहने के दौरान उन्हें यह महसूस हुआ कि आखिरकार उनका काम रन बनाना है।

ईशान ने कहा, “मैंने अपने आप को बदलने की कोई खास कोशिश नहीं की। यह अपने आप हुआ। मैं टीम से बाहर था, तो एहसास हुआ कि आखिरकार रन बनाना ही हमारा काम है।”

फाइनल में ईस्ट जोन ने 708 रन बनाकर अपनी स्थिति मजबूत कर ली है। अब उसकी नजर साउथ जोन को पहली पारी में पीछे रखने और मुकाबले का परिणाम अपने पक्ष में करने पर है।

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