India vs Afghanistan : भारत अफगानिस्तान की पुरुष टीमें सिंतबर में तीन मुकाबलों की टी20 सीरीज खेलने वाली हैं. 13 सितंबर से सीरीज का शुरुआत होने वाली है, वहीं इस सीरीज का दूसरा मुकाबला 15 सितंबर दूसरा मैच 17 सितंबर को खेला जाने वाला है.
ये तीन मुकाबले दिल्ली के अरुण जेटली क्रिकेट स्टेडियम में खेले जाने वाला है. इस सीरीज से एक बार फिर ऐसे खिलाड़ी को बाहर कर दिया गया है, जिसने कोई गलती नहीं की लेकिन उसे टीम से आउट कर दिया गया है.
ऐसा पहली बार नहीं हुआ है, जब इस क्रिकेटर को बीसीसीाई ने बैगर किसी गलती के नजरंदाज किया है भारतीय क्रिकेट टीम के स्क्वाड से बाहर कर दिया है. ऐसा पहले भी कई बार हो चुका है. इस अभागे खिलाड़ी को हमेशा टीम से बाहर कर दिया जाता है, फिर उसे टीम में लिया जाता है फिर से बाहर कर दिया जाता है. इस सबको देखकर ऐसा लगता है कि, बीसीसीआई उसके करियर के साथ खिलावाड़ कर रही है. ये खिलाड़ियों कौन है, आइए जानते हैं.
कौन है टीम इंडिया का बदकिस्तम खिलाड़ी
टीम इंडिया का अभागा खिलाड़ी कोई नहीं बल्कि बाएं हाथ के 28 वर्षीय बल्लेबाज रिंकू सिंह हैं. उत्तर प्रदेश अलीगढ़ के रहने वाले रिंकू सिंह को अक्सर टीम इंडिया से बीसीसीआई चनयकर्ताओं के द्वारा बाहर कर दिया जाता है. ये कहानी आज की नहीं बल्कि काफी पुरानी है. रिंकू को हमेशा ही इग्नोर किया जाता है, जिसके उनके क्रिकेट करियर पर बुरा असर पड़ रहा है. बीसीसीआई इंडियन सिलेक्टर्स उनका करियर खत्म करने पर तुले हुए हैं.
रिंकू सिंह को जिम्बाब्वे के खिलाफ पिछेली सीरीज में स्क्वाड में शामिल किया गया था. इस सीरीज के पहले टी20 मुकाबले में रिंकू सिंह की बल्लेबाजी नहीं आई, जबकि वो प्लेइंग-11 में शामिल थे. इस सीरीज के दूसरे टी20 मैच में अंतिम ओवर्स की बाकी बची हुई कुछ बॉल के लिए रिंकू को बल्लेबाजी करने का मौका मिला उन्होंने 8 बॉल में 6 छक्के के साथ 12 रन बनाए.
इसके बाद रिंकू सिंह को तीसरे टी20 मैच में बल्लेबाजी करने का मौका मिला, तब भी लगभग ओवर खत्म होने की कगार पर थे. उन्होंने नंबर 6 पर आकर 14 बॉल में 2 चौके 1 छक्के के साथ 24 रनों की पारी खेली. रिंकू सिंह को अक्सर नंबर 7 या फिर नंबर 8 पर बल्लेबाजी मिलती है. उनसे ऊपर शिवम दुबे को भेजा जाता है.
ऐसे में उनको बॉल कम खेलने के लिए मिलती है. उनका काम आखिरी ओवर्स में सिर्फ बड़े हिट लगाने का होता है. ऐसे में आउट होने का खतरा बढ़ जाता है. रिंकू ऐसी स्थिति में भी अपना काम बखूबी करते हैं. वो मैदान पर फील्डिंग के दौरान अपनी जान लगा देते हैं. वो भारत के बेस्ट फील्डर्स में से एक हैं. इसके साथ ही रिंकू ऑफ स्पिन बॉलिंग भी कर सकते हैं.
इस सबके बावजूद उन्हें हर बार बाहर कर दिया जाता है, जबकि उनको न तो पूरी तरह खेलने का मौका मिलता है. उन्हें न ही पर्याप्त बॉल मिलती है न ही पर्याप्त मौके, क्योंकि कई बार उनका नंबर भी बल्लेबाजी के लिए नहीं आता है. उन्होंने जिम्बाबे सीरीज से पहले आयरलैंड इंग्लैंड सीरीज से भी बाहर रखा गया था. रिंकू सिंह ने भारत के लिए 48 मैचों की 35 पारियों में 3 अर्धशतक के साथ 702 रन बनाए हैं. उनके नाम 57 चौके 40 छक्के दर्ज हैं.