वैभव सूर्यवंशी ‘विवियन रिचर्ड्स’ मूड में थे, पाटीदार ने ‘कपिल देव’ बनकर चलता कर दिया

सेमीफाइनल की पहली पारी में 92 रन बनाने वाले वैभव दूसरी पारी में ज्यादा बड़ी पारी नहीं खेल पाए. हालांकि, जितना भी समय क्रीज पर रहे, दमदार अंदाज में खेले. वैभव ने गियर बदलकर विस्फोटक अंदाज में भी बल्लेबाजी की, लेकिन फिर रजत पाटीदार के शानदार कैच का शिकार हो गए.

वैभव के अलावा इस मैच में मोहम्मद शमी ने भी अपनी गेंदबाजी से कहर बरपाया. दोनों की बदौलत ईस्ट जोन ने चार विकेट से यह मैच जीत लिया.

वैभव की सधी हुई बल्लेबाजी

ईस्ट जोन की दूसरी पारी में वैभव ने शुरुआत में सधे हुए अंदाज में बल्लेबाजी की. वह रेड बॉल फॉर्मेट में खुद को साबित करने की कोशिश में लगे हुए हैं. इसी वजह से वह दलीप ट्रॉफी में अपना अटैकिंग नहीं, बल्कि सधा हुआ खेल दिखाने में लगे हुए हैं. पहली 37 गेंदों पर उन्होंने 22 रन बनाए थे.

इसके बाद आया यश ठाकुर का ओवर. ऐसा लगा जैसे वैभव इसी के इंतजार में थे. पारी की पहली ही गेंद पर उन्होंने बाउंड्री लगाई. इसके बाद अगली गेंद को भी बाउंड्री के पार पहुंचाया. पारी की तीसरी और चौथी गेंद पर लगातार दो चौके लगाए. जब ऐसा लगने लगा कि वैभव शायद इसी ओवर में अर्धशतक बना लेंगे, तभी यश ठाकुर ने उन्हें फंसा लिया.

रजत पाटीदार का शानदार कैच

ओवर की पांचवीं गेंद पर वैभव बीट हो गए. वहीं, आखिरी गेंद पर वैभव ने स्लॉग करने की कोशिश की, लेकिन गेंद ज्यादा ऊंची उठ गई. रजत पाटीदार गेंद देखते ही पीछे की ओर भागे और डाइव लगाकर कैच लपक लिया. उनका कमाल का कैच देखकर वैभव के साथ-साथ रजत की टीम के खिलाड़ी भी काफी हैरान हो गए. इस कैच को देखकर आपको 1983 वर्ल्ड कप की याद आ जाएगी. भारत और वेस्टइंडीज के बीच खिताबी मुकाबला लॉर्ड्स में खेला जा रहा था. फाइनल मैच में विवियन रिचर्ड्स अटैक कर रहे थे. ऐसा लग रहा था कि मैच जिता देंगे. लेकिन फिर मदन लाल की गेंद पर उन्होंने बड़ा शॉट खेला. कपिल देव ने भी पीछे की ओर दौड़ते हुए कमाल का कैच लपका था. इसके बाद वेस्टइंडीज की पारी बिखर गई थी और भारत मैच जीत गया था.

 

 

 

वैभव ने 43 गेंदों में 40 रन बनाए. इस पारी में तीन चौके और दो छक्के शामिल थे. वैभव के आउट होने के बाद कप्तान ईशान किशन और कुमार कुशाग्र ने 162 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए अपनी टीम की जीत तय कर दी.

मैच का हाल

इतना ही नहीं, वैभव से पहले मोहम्मद शमी ने अपनी गेंदबाजी से सेंट्रल जोन के बल्लेबाजों पर जमकर दबाव बनाया. उन्होंने दूसरी पारी में 16 ओवर में 56 रन देकर तीन विकेट लिए. पहली पारी में उन्होंने दो विकेट लिए थे. शमी ने अपने प्रदर्शन से एक बार फिर टीम इंडिया में उनके चयन को लेकर बहस छेड़ दी है. लोग उन्हें अब भी टीम इंडिया में देखना चाहते हैं, लेकिन चीफ सिलेक्टर अजीत अगरकर फिलहाल उनसे इंप्रेस नहीं हैं. शमी के अलावा इस मैच में मुकेश कुमार ने भी काफी प्रभावित किया. ईस्ट जोन के इस गेंदबाज ने पहली पारी में तीन विकेट लिए. वहीं, दूसरी पारी में चार विकेट झटके.

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