13 साल के लंबे इंतजार के बाद आखिरकार ईशान किशन की कप्तानी में ईस्ट जोन की टीम ने दलीप ट्रॉफी के फाइनल में जगह बना ली। पहले सेमीफाइनल में उसने सेंट्रल जोन को 4 विकेट से हरा दिया। 159 रन का लक्ष्य ईस्ट जोन ने 6 विकेट खोकर हासिल कर लिया।
इस जीत के पीछे जितना महत्व मुकेश कुमार और मोहम्मद शमी की गेंदबाजी का रहा उतना ही वैभव की बल्लेबाजी का रहा। इतना ही नहीं इस मुकाबले में वैभव का एक अलग अंदाज देखने को मिला। उनका यह रेड बॉल क्रिकेट वाला अवतार एकदम अलग नजर आया जो उनके टेस्ट खेलने की उम्मीदों में चार-चांद लगाती है।
दोनों पारियों में दिखा वैभव का अलग अवतार
वैभव सूर्यवंशी ने पहली पारी में 81 गेंद में 7 चौके और 7 छक्के की मदद से 92 रन की विस्फोटक पारी खेली। लेकिन उनकी दूसरी पारी एकदम अलग थी। दूसरी पारी में वैभव का अलग अंदाज दिखा। 159 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी ईस्ट जोन को सधी हुई शुरुआत की दरकार थी और वैभव ने ठीक वैसा ही किया।
पहली पारी में 42 गेंद में अपना अर्धशतक पूरा करने वाले वैभव ने दूसरी पारी में 16 रन बनाने के लिए 30 गेंदे खेली। इतना ही नहीं वैभव ने अपनी पहली बाउंड्री लगाने के लिए 21 गेंदें खेली। इस दौरान उन्होंने स्पिन गेंदबाजी का सामना भी किया। अपने छठे ही गेंद पर उन्होंने सारांश जैन को रिवर्स स्वीप मारा। कारण चाहे जो भी रहा हो, लेकिन वैभव का यह अप्रोच देखने लायक था।
टाइम्सनाउ नवभारत पर
14वें ओवर में वैभव ने एकबार फिर अपना स्टाइल बदला और यश ठाकुर के इस ओवर के शुरुआती 4 गेंदों में 18 रन बटोरे। हालांकि, 5वीं गेद पर वह यश के चंगुल में फंस गए। मिड-विकेट पर रजत पाटीदार ने भागते हुए एक अविश्वसनीय कैच पकड़ा। इस तरह वैभव की दूसरी पारी 43 गेंद में 40 रन के स्कोर पर खत्म हुई। वैभव की इस पारी ने यह दिखाया कि वक्त पड़ने और टीम की जरूरत के हिसाब से वह अपने गेम को बदल सकते हैं।