2021 से अब तक पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने 11 कोच बदले हैं। इंग्लैंड से मिली हार के बाद अब सीमित ओवरों के कोच माइक हेसन को टेस्ट टीम का भी चार्ज दे दिया गया है।
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड में खराब प्रदर्शन के बाद मैनेजमेंट बदलना और कोच की छुट्टी करना एक पुरानी परंपरा बन चुका है।
सितंबर 2021 में मिस्बाह-उल-हक और वकार यूनिस के इस्तीफे के बाद सकलैन मुश्ताक और अब्दुल रज्जाक को अंतरिम कोच बनाया गया। बाद में सकलैन को ऑल-फॉर्मेट का स्थायी हेड कोच बनाया गया, जो 2022-23 तक पद पर रहे।
ग्रांट ब्रैडबर्न और मिकी आर्थर (2023)
2023 की शुरुआत में मिकी आर्थर को टीम डायरेक्टर और मई 2023 में ग्रांट ब्रैडबर्न को 2 साल के कॉन्ट्रैक्ट पर हेड कोच नियुक्त किया गया। हालांकि, 2023 वनडे वर्ल्ड कप में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद इस पूरे स्टाफ को हटा दिया गया।
मोहम्मद हफीज का दौर (2023-24)
वर्ल्ड कप के बाद ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए पूर्व कप्तान मोहम्मद हफीज को टीम डायरेक्टर की जिम्मेदारी दी गई, लेकिन कुछ ही महीनों में यह प्रयोग भी विफल साबित हुआ। इस दौरान पाकिस्तान को कई करारी हार का सामना करना पड़ा।
गैरी कर्स्टन और जेसन गिलेस्पी का स्प्लिट मॉडल (2024)
अप्रैल 2024 में PCB ने स्प्लिट कोचिंग मॉडल अपनाया। भारत को 2011 वर्ल्ड कप जिताने वाले गैरी कर्स्टन को सीमित ओवरों और जेसन गिलेस्पी को टेस्ट टीम का हेड कोच बनाया गया। लेकिन कर्स्टन ने अक्टूबर 2024 में ही इस्तीफा दे दिया। इसके बाद आकिब जावेद को अंतरिम कोच बनाया गया और दिसंबर 2024 में गिलेस्पी के हटने पर आकिब को ही टेस्ट का प्रभार भी सौंप दिया गया।
माइक हेसन और अजहर महमूद (2025)
मई 2025 में न्यूजीलैंड के पूर्व दिग्गज कोच माइक हेसन को स्थायी व्हाइट-बॉल कोच नियुक्त किया गया, जबकि जून 2025 में अजहर महमूद को रेड-बॉल यानी कि टेस्ट टीम का कार्यवाहक कोच बनाया गया।
सरफराज अहमद का छोटा कार्यकाल (2026)
2026 में बांग्लादेश सीरीज से ठीक पहले पूर्व कप्तान सरफराज अहमद को टेस्ट टीम का हेड कोच बनाया गया। लेकिन इंग्लैंड के खिलाफ पहले दो टेस्ट यानी कि लीड्स और लॉर्ड्स में शर्मनाक हार के बाद PCB ने उन्हें बीच सीरीज में बर्खास्त कर दिया और कमान दोबारा माइक हेसन को सौंप दी।