नई दिल्ली: क्रिकेट के सबसे बड़े टूर्नामेंट, 2027 वनडे वर्ल्ड कप का शेड्यूल जारी हो चुका है। इस बार यह प्रतियोगिता दक्षिण अफ्रीका और जिम्बाब्वे द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित की जाएगी।
पिछली बार फाइनल में पहुंचने वाली भारतीय टीम, जो शुभमन गिल की कप्तानी में खेल रही है, इस बार खिताब जीतने की कोशिश करेगी। भारत को ग्रुप A में रखा गया है, जिसमें मौजूदा चैंपियन ऑस्ट्रेलिया, पाकिस्तान, अफगानिस्तान, सह-मेजबान जिम्बाब्वे और एक क्वालीफायर टीम शामिल हैं। दूसरी ओर, ग्रुप B में इंग्लैंड, दक्षिण अफ्रीका, न्यूजीलैंड, बांग्लादेश, श्रीलंका और एक क्वालीफायर टीम है।
भारत का पहला मैच 7 अक्टूबर को केप टाउन के न्यूलैंड्स स्टेडियम में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ होगा। इसके बाद, 10 अक्टूबर को जोहान्सबर्ग के वांडरर्स स्टेडियम में पाकिस्तान से मुकाबला होगा। तीसरा मैच 14 अक्टूबर को सेंचुरियन में अफगानिस्तान के खिलाफ होगा, और 17 अक्टूबर को टीम ब्लोमफोंटेन में क्वालीफायर टीम से खेलेगी। ग्रुप चरण का अंतिम मैच 24 अक्टूबर को जिम्बाब्वे के खिलाफ विक्टोरिया फॉल्स स्टेडियम में होगा।
सुपर-7 का प्रारूप
लीग चरण के बाद, 25 अक्टूबर से सुपर-7 का दौर शुरू होगा। इसमें दोनों ग्रुप की शीर्ष तीन टीमें और अन्य टीमों में से सबसे अच्छी चौथी टीम शामिल होगी। आईसीसी वनडे रैंकिंग (30 सितंबर) के अनुसार, भारत को A1, ऑस्ट्रेलिया को A2 और पाकिस्तान को A3 की सीडिंग मिली है। ग्रुप B से न्यूजीलैंड B1, दक्षिण अफ्रीका B2 और श्रीलंका B3 हैं, जबकि इंग्लैंड AB4 है। यदि कोई सीडेड टीम बाहर होती है, तो उसकी जगह क्वालीफाई करने वाली टीम को वही सीड मिलेगी।
भारत के संभावित सुपर-7 मुकाबले
संभावित कार्यक्रम के अनुसार, भारत 28 अक्टूबर को विक्टोरिया फॉल्स में ऑस्ट्रेलिया से भिड़ेगा। इसके बाद 31 अक्टूबर को जोहान्सबर्ग में दक्षिण अफ्रीका और 4 नवंबर को पार्ल में न्यूजीलैंड से मुकाबला होगा। 7 नवंबर को केप टाउन में भारत-पाकिस्तान की एक और टक्कर हो सकती है, बशर्ते दोनों टीमें सुपर-7 में पहुंचें। इसके बाद 11 नवंबर को गेबेरहा में इंग्लैंड और 14 नवंबर को डरबन में श्रीलंका से मैच खेला जाएगा।
पहला सेमीफाइनल 17 नवंबर को केप टाउन में और दूसरा 18 नवंबर को सेंचुरियन में होगा। फाइनल मुकाबला 21 नवंबर को वांडरर्स स्टेडियम में आयोजित किया जाएगा। किसी भी टीम को फाइनल तक पहुंचने के लिए 11 मैच खेलने होंगे। भारतीय प्रशकों की नजर इस बात पर है कि क्या टीम पिछली बार की निराशा को दूर कर ट्रॉफी जीत पाएगी। कठिन ग्रुप और लंबे कार्यक्रम को देखते हुए खिलाड़ियों की फिटनेस और सही संयोजन बेहद महत्वपूर्ण होगा।